अपहरण और फिरौती के साथ ही लूट की घटनाओं में शामिल शातिर बदमाशों का साथी सिपाही निकला। अमेठी पुलिस ने पूछताछ के बाद शातिरों के साथ सिपाही को भी जेल भेज दिया। इससे पुलिस विभाग में सनसनी फैली हुई है। सिपाही को गिरफ्तार करने की खबर पर स्वॉट टीम ने अमेठी जाकर उससे पूछताछ की। वह खुद को बेगुनाह बताता रहा।
मध्य प्रदेश का रहने वाला सिपाही वीर विक्रम सिंह वर्ष 2015 में जनपद आया। उसकी तैनाती हमेशा पुलिस लाइन में रही। सिपाही वीर विक्रम सिंह सपा सरकार में मंत्रियों की सुरक्षा में ड्यूटी कर चुका था। भाजपा सरकार में भी एक मंत्री की सुरक्षा में कुछ दिन ड्यूटी किया था। सूत्रों की मानें तो हाल ही में सिपाही को जिलाधिकारी शरद सिंह की सुरक्षा के लिए स्कॉर्ट ड्यूटी में लगाया गया था। रविवार की रात चिलबिला में अमेठी सीओ व स्वॉट टीम के बीच हुई मुठभेड़ में तीन लोग दबोचे गए थे। जिसमे सिपाही वीर विक्रम सिंह भी शामिल था। अमेठी पुलिस तीनों को अपने साथ उठा ले गई। सिपाही रास्ते भर अपना परिचय देता रहा, लेकिन उसकी बात सुनने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। अमेठी पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने अपहरण, लूट व फिरौती के मामले में वांछित चल रहे बदमाशों के साथ पकड़े गए सिपाही से पूछताछ करने के बाद मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम को दी। सिपाही के पकड़े जाने की खबर पर स्वॉट टीम को सिपाही से पूछताछ के लिए अमेठी भेजा गया। जहां पुलिस उससे पूछताछ करने के बाद लौटी और अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को दी। सिपाही की गिरफ्तारी पर पुलिस विभाग में सनसनी व्याप्त है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पकड़े गए बदमाशों ने रविवार की रात सिपाही वीर विक्रम सिंह को मिलने के लिए चिलबिला बुलाया था। उसे नहीं पता था कि अमेठी पुलिस उनका पीछा कर रही है। शातिर बदमाशों से उसकी अच्छी जान पहचान थी। कार में बैठकर सभी बातें कर रहे थे तभी अमेठी पुलिस ने धावा बोलकर तीनों का दबोच लिया था। इस दौरान फायरिंग भी हुई। अमेठी एसओ ने बताया कि बदमाशों के साथ सिपाही को भी जेल भेजा गया है।