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फसल की रखवाली को गए किसान की गोली मारकर हत्या

Fri, 17 Nov 2017 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
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 लालगंज कोतवाली के सराय लालमती गांव में कटाई के बाद खलिहान में रखे धान की रखवाली करने गए किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आधी रात के बाद पहुंचे बदमाशों ने उसकी कनपटी पर गोली मार दी। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। खलिहान में सुबह खून से लथपथ शव मिलने पर हड़कंप मच गया। पुलिस मौके पर जांच के लिए पहुंची, लेकिन हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिल सका। मृतक के भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
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लालगंज के सराय लालमती निवासी शिवचरन पटेल (45) पुत्र स्व. रामटहल का गांव के समीप ही खेत है। गुरुवार को फसल पीटकर धान निकाला जा रहा था। रात अधिक हो जाने के चलते धान घर नहीं लाया जा सका। इस पर शिवचरन वहीं रखवाली के लिए रुक गए। रात नौ बजे के करीब परिजन खाना लेकर पहुंचे। घरवालों के जाने के बाद शिवचरन खेत में ही सो गए। आधी रात के करीब कुछ लोग वहां पहुंचे और उनकी कनपटी पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह काफी देर बाद भी शिवचरन घर नहीं आए तो परिजन खलिहान पहुंच गए। यहां उनका खून से लथपथ शव देख परिजनों के होश उड़ गए। किसान की हत्या की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन हत्यारों के बारे में कुछ पता नहीं चल सका। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक बसंतलाल भी मौके पर पहुंचे। हत्यारों का सुराग लगाने में नाकाम रही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मामले में मृतक के बड़े भाई रामसुमेर पटेल की तहरीर पर कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

खोजी कुत्ता भी बैरंग लौटा
जलेशरगंज(ब्यूरो)। शिवचरन के हत्यारों का सुराग लगाने के लिए इलाहाबाद से डॉग स्क्वॉयड भी मौके पर पहुंचा। खोजी कुत्ता लेकर टीम गांव खलिहान पर पहुंची तो लोगों को लगा कि हत्यारों को अब कोई सुराग शायद मिल जाए। पुलिस का आस जगी लेकिन खोजी कुत्ता आधे घंटे तक चकरघिन्नी बना इधर उधर भागता रहा। समीप बने एक ट्यूबवेल तक भी वह गया लेकिन बिना किसी सुराग के वापस लौट आया। डॉग स्क्वॉयड के सदस्यों का कहन है कि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों के आने-जाने से हत्यारों के पैरों के निशान मिट गए।
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अब कैसे होगा पत्नी व पांच बच्चों का गुजारा
जलेशरगंज(ब्यूरो)। मृतक शिवचरन के पत्नी देवकली पति की मौत के बाद सदमें में चली गई। रोते विलखते वह यहीं कहती रही कि अब पंाच बच्चों समेत उसका गुजारा कैसे हो सकेगा। शिवचरन के तीन बेटे राकेश, समीर, विकास और दो बेटियां सीमा व शीनू हैं। बच्चे बड़े भले हो गए हैं लेकिन अभी कोई भी अपने पैर पर खड़ा नहीं हो पाया था। पत्नी व बच्चों का एकमात्र सहारा उसका पति ही था, जिसे बदमाशों ने मौत के घाट उतार दिया। बेटी सीमा की शादी भी तय थी और फरवरी में बारात भी घर आने वाली थी। इसकों लेकर परिजन तैयारी भी कर रहे थे, लेकिन अब बारात आने पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

आसान नहीं होगा हत्यारों तक पुलिस का पहुंचना
शिवचरन की हत्या किसने और क्यों की, देर रात तक पुलिस इस पशोपेस में रही। दरअसल मृतक की गांव में किसी से न तो दुश्मनी थी और न ही किसी से उसके परिवार की रंजिश थी। गरीबी के चलते थोड़ी सी जमीन में खेती कर वह परिवार का पालन पोषण करता था। ूट के इरादे से भी बदमाश खलिहान नहीं आए थे। क्योंकि उसके पास न तो पैसा था और न ही कोई महंगा सामान जिसे लूटने के चक्कर में हत्या की गई हो। हालांकि पुलिस का मानना है कि घटना में कोई न कोई गांव का व्यक्ति जरूर शामिल है। क्योंकि शिवचरन के खलिहान में सोने की बात गांव के ही किसी व्यक्ति द्वारा बदमाशों को दी गई होगी
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