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बैंक डकैती में दो सिपाही सस्पेंड

Mon, 17 Sep 2018 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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Crime Scene
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अंतू थाना क्षेत्र के ग्रामीण बैंक जगेशरगंज में डकैती के मामले में पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने लापरवाही बरतने वाले दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया। रविवार को बैंक पहुंचकर एएसपी पूर्वी और सुलतानपुर क्राइम ब्रांच ने कई घंटे तक फुटेज खंगाले। घटना में शामिल पांच बदमाशों को पुलिस ने चिह्नित कर लिया है। घटना में शामिल कुछ बदमाशों ने इलाहाबाद में ठिकाना बना लिया है।
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अंतू थाना क्षेत्र के गोबरी स्थित ग्रामीण बैंक जगेशरगंज में शुक्रवार दोपहर बाइक सवार 6 बदमाशों ने डाका डाला। कर्मचारियों व ग्राहकों को बंधक बना लिया। सात मिनट में घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश 6 लाख रुपये समेटकर कोहड़ौर की ओर भाग निकले। बैंक की सुरक्षा में भेजे गए आरक्षी सत्यनारायण और अनिल सरोज घटना के समय शिकायती पत्र का निस्तारण करने गए थे। हैरत की बात यह रही कि बदमाशों का पीछा करने के बजाय अंतू थाने के पुलिसकर्मी बैंक पर ही कुछ देर तक डेरा जमाकर बैठे रहे। बैंक सुरक्षा में लापरवाही सामने आने पर पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने दोनों सिपाहियों को रविवार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।

एएसपी पूर्वी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि सीओ सिटी से जांच के बाद मिली रिपोर्ट में दोनों सिपाहियों की लापरवाही सामने आई थी। रविवार को अवकाश के दिन सुलतानपुर क्राइम ब्रांच की टीम के साथ अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी पूर्णेंदु सिंह गोबरी स्थित ग्रामीण बैंक जगेशरगंज शाखा पहुंचे। प्रबंधक की गैरहाजिरी में कर्मचारी वीके पांडेय ने बैंक खोला। बैंक खोलने के बाद क्षेत्रीय कार्यालय से आए कर्मचारी भी पहुंच गए। एएसपी व सुलतानपुर क्राइम ब्रांच ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज कई घंटे तक खंगाला।  एएसपी ने बताया कि बैंक लूटने वाले पांच बदमाशों को चिह्नित किया जा चुका है। पुलिस सूत्रों की मानें तो बैंक में डकैती डालने वाले कुछ बदमाश इलाहाबाद की सीमा में शनिवार की रात प्रवेश कर गए हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगी हुई है।
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बैंक में डाका डालने वाले शातिर अपराधी हैं। चिह्नित बदमाशों के खिलाफ पहले भी मुकदमा दर्ज है। आसपास के जिलों में लूट समेत अन्य मामले दर्ज हैं। सुलतानपुर और अमेठी पुलिस को भी उनकी तलाश है। घटना के तरीके देखने के बाद साफ जाहिर होता है कि बदमाशों ने पहले भी सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम दिया होगा। बदमाशों का सरगना भी जिले का ही शातिर अपराधी है। इस गैंग में बदमाशों की संख्या दस के करीब बताई जा रही है। इन बदमाशों के पकडे़ जाने पर सुलतानपुर में हुई बैंक लूट की कहानी का सच भी सामने आ सकता है।

शुक्रवार को बैंक में डकैती डालकर भागने वाले शातिर बदमाशों के पीछे पुलिस लगी रही। पुलिस हर कोने पर बदमाशों के सामने आती रही। कई जगह पीछा भी किया। बदमाश पकड़े भी जाते, लेकिन बाघराय के डबल मर्डर के कारण वह बच निकले। कंधई थाना क्षेत्र में बदमाश पुलिस से बचने के लिए बाइक समेत एक स्कूल में छिप गए। पुलिस के आगे बढ़ने के बाद वह वहां से बाहर निकले। अंधेरा होने पर बदमाश अलग-अलग दिशा से होते हुए अंतू थाना क्षेत्र में सई नदी के जंगल में पहुंच गए। बदमाश रुपये लेकर जंगल में ही सो गए थे। पुलिस भी उनके पीछे-पीछे लगी थी। उनकी तलाश करते हुए पुलिस भी उस जंगल में पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के साथ ही अंजान रास्तों से गुजरते समय सरपतों के झुरमुट में पुलिसकर्मियों को पसीना छूट गया। हालांकि पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। बदमाशों से करीब दो सौ मीटर दूर से पुलिस लौट आई।

अंतू में बैंक लूट के बाद सक्रिय हुई पुलिस बदमाशों के पीछे भागी। आगे-पीछे हो रहे बदमाशों को पकड़ने में पुलिस कामयाब भी हो जाती, लेकिन डबल मर्डर की दो घटनाओं ने पुलिस के होश उड़ा दिए। चार हत्याओं के बाद पुलिस बदमाशों को छोड़ बवाल संभालने में जुट गई। अधिकारियों ने रात में ही लखनऊ एसटीएफ और इलाहाबाद एसटीएफ की टीम को भेज दिया। निरीक्षक हेमंत भूषण सिंह और अतुल सिंह की अगुवाई में बदमाशों की तलाश होती रही, लेकिन कोई हाथ नहीं लगा। हालांकि कुछ संदिग्ध नंबरों को पुलिस ट्रेस कर रही है। रविवार को एसटीएफ के सीओ नावेंदु सिंह भी अपनी टीम के साथ आ धमके। एसपी से मुलाकात के बाद वह बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिसकर्मियों को लेकर घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने वीडियो फुटेज भी देखा। जिले में पहले से मौजूद निरीक्षक श्रीनिवास यादव भी अपनी टीम के साथ कंधई, कोहड़ौर इलाके में अपराधियों व उनके करीबियों तक पहुंचने के लिए प्रयासरत रहे।
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