व्यापारी अमित केसरवानी पर शातिर शूटर हातिम ने जानलेवा हमला किया था। घटना के दौरान लोगों की पिटाई से मौत के शिकार हुए बदमाश की शिनाख्त हातिम के रूप में हुई है। शूटर की शिनाख्त भाई और मां ने इलाहाबाद जाकर किया। वहीं, रात भर अनहोनी की आशंका में पुलिस शहर का चक्रमण करती रही। पुलिस ने व्यापारी की तहरीर पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।
अजीतनगर निवासी व्यापारी महादेव केसरवानी के बेटे अमित केसरवानी पर शुक्रवार की शाम एक बदमाश ने जानलेवा हमला किया था। हालांकि अमित बाल-बाल बच गया। लोगों ने दौड़ाकर आरोपी बदमाश को दबोच लिया और जमकर पीटा था। गंभीर हालत में डॉक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया था। वहां इलाज के दौरान रात करीब एक बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से पिस्टल, मैगजीन, कारतूस का खोखा व चश्मा बरामद किया था। अनहोनी की आशंका से रानीगंज, अंतू एसओ संग पुलिस फोर्स शहर में गश्त करती रही। मकंद्रूगंज चौकी पर एएसपी तारिक मोहम्मद, एडीएम पुनीत शुक्ला, सीओ सिटी एमपी सलोनिया डटे रहे। शनिवार को मृतक की शिनाख्त के लिए पुलिस परेशान रही। इस बीच मीराभवन निवासी अधिवक्ता शमीम अपनी मां के साथ इलाहाबाद गया। वहां मां और भाई ने शव की पहचान हातिम के रूप में की। हातिम के खिलाफ एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम ने गत दिनों कुसमी रेलवे क्रासिंग के करीब मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले में उसने कोर्ट में सरेंडर किया था और दस दिन पहले वह जमानत पर छूटा था। एएसपी तारिक मोहम्मद ने बताया कि मृतक मीराभवन का रहने वाला बदमाश हातिम है वह विकास सिंह का साथी था। भाई और मां ने उसकी पहचान भी कर ली है। घटना के बाद दूसरे बदमाशों के मौजूदगी की बात का पता चला है। सभी की तलाश की जा रही है।
सदर बाजार में व्यापारी पुत्र अमित केसरवानी को गोली मारने आए बदमाश के पास दो पिस्टल होने की बात सामने आई है। फायर उसने एक ही पिस्टल से किया जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। मौके से पुलिस के हाथ एक खोखा भी मिला जो नाइन एमएम पिस्टल का है। बरामद पिस्टल, मैगजीन और कारतूस 32 बोर की है। पुलिस इस बिंदु पर भी छानबीन कर रही है।
सदर बाजार के व्यापारी महादेव केसरवानी के पुत्र अमित केसरवानी पर हुए हमले से परिवार के लोगों के साथ ही व्यापारी भी दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि शातिर बदमाश शहर में घूम रहे हैं और पुलिस को ऐसे बदमाशों की भनक तक नहीं है। लोगों ने आशंका जताई कि विकास सिंह को रंगदारी देने से अमित ने इनकार कर दिया था। इससे विकास खार खाया हुआ था।
अमूमन अब तक जो भी मामले शातिर विकास से संबंधित सामने आए हैं वे उसकी न्यायालय में पेशी के दौरान ही हुए हैं। शुक्रवार को भी विकास को पेशी पर लाया गया था। यही नहीं जिस दिन अमित से रंगदारी वसूलने के लिए बमबाजी करने का प्लान तैयार हुआ था उस दिन भी विकास सिंह नैनी से पेशी पर कोर्ट लाया गया था। इससे साफ जाहिर होता है कि विकास से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही उसके साथी घटनाओं को अंजाम देने के लिए बाहर निकलते हैं।
। नागरिकों की पिटाई से मृत शूटर हातिम के मामले की छानबीन कर रही क्राइम ब्रांच और शहर कोतवाल जेल के करीब तीन घंटे रहे। जेल में निरुद्ध बदमाशों में से हातिम की किससे बात हुई। इससे संबंधित लोकेशन खंगाली जाता रही। संभावना जताई जा रही है कि हातिम घटना को अंजाम देने के पहले जेल के इर्द गिर्द ही मंडरा रहा था।
व्यापारी के ऊपर हमला करने वाले शूटर हातिम का मोबाइल कब्जे में लेने के बाद उसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। सूत्रों की मानें तो घटना से महज पांच मिनट पहले हातिम ने करनपुर निवासी अपहरण के मामले में फरार चल रहे आरोपी से बातचीत की थी। पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला।