बसपा जिलाध्यक्ष पर हमले के बाद कहानी में आए मोड़ के बाद से राजनीतिक गलियारों में सियासत गरमाई हुई है। इधर, बसपा जिलाध्यक्ष पुलिस पर तहरीर बदलने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी दी गई तहरीर पुलिस ने बदल दी। वहीं उन पर छेड़छाड़ के आरोप को लेकर कहानी भी गढ़ ली गई। शराब माफिया की लगातार अधिकारियों से शिकायत करने के कारण उनके साथ यह घटना हुई।
गुरुवार की रात हथिगवां थाने के सराय सैद खां में बसपा जिलाध्यक्ष लालचंद गौतम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इस दौरान गाड़ी में रखे 40 हजार रुपये ले जाने और गाड़ी में तोड़फोड़ किए जाने का आरोप भी उन्होंने लगाया था। इस मामले को लेकर बसपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस को घेरने का प्रयास किया था लेकिन सुबह इस घटना से जोड़कर छेड़छाड़ की घटना सामने आ गई। छेड़छाड़ की घटना में बसपा जिलाध्यक्ष को नामित नहीं किया गया है, लेकिन अप्रत्यक्ष आरोप उन्हीं पर है। बसपा जिलाध्यक्ष लालचंद्र गौतम का कहना है कि रात में उन पर सराय सैद खां गांव के पास एक शराब माफिया ने हमला किया था। उसका कहना था कि उन्होंने उनकी शराब पकड़वाई थी। इसके अलावा कई अन्य जगहों पर शराब पकड़वाने में प्रशासन की मदद की थी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को देने के एक घंटे बाद वह पहुंची।
इसके बाद उनसे मुल्जिम की तरह पेश आया गया। रात में उनसे सादे कागज पर साइन करा लिए गए थे। इसके बाद उनकी नामजद तहरीर भी बदल दी गई जिसमें 40 हजार रुपये ले जाने का आरोप था। यही नहीं पार्टी के जिस समर्थक का फोन आता उसे शराब पीने और मामला सुलझ जाने की बात कहकर गुमराह किया जाता था। तर्क दिया कि जिस गांव में वह किसी को जानते नहीं वहां किसी के बिस्तर तक कैसे पहुंच सकते हैं।