लूट के आरोपियों को सांगीपुर पुलिस द्वारा छोड़ने पर सेामवार को ग्रामीणों द्वारा किए गए बवाल और आगजनी के मामले में पुलिस ने उपद्रवियों पर शिकंजा कस दिया है। इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई है। कुल 300 लोगों को आरोपी बनाया गया। जिसमें 22 नामजद और 278 अज्ञात हैं।
सांगीपुर पुलिस द्वारा लूट के आरोपियों को प्रभारी निरीक्षक ने पूछताछ के बाद शंातिभंग में चालान कर छोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीण सोमवार को उग्र हो गए। सैकड़ों की संख्या में जुटे ग्रामीणाें ने सड़क पर जाम लगा दिया और सांगीपुर कोतवाल के निलंबन के साथ एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। कई घंटे चले जाम के बाद एसपी मौके पर नहीं पहुंचे तो भीड़ ने चोरी के आरोपियाें का घर फूंकने का ऐलान कर दिया। संागीपुर के एक दरोगा की जमकर पिटाई कर दी गई। लालगंज कोतवाल और उनकी टीम पर भी उपद्रवियों ने हमला कर दिया। दो घरों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद भारी फोर्स के साथ पहुंचे अधिकारियों ने लाठी पटक कर उपद्रावियों को भगाया तब जाकर मामला शांत हो सका। बवाल थमने के बाद पुलिस ने बवालियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। घटना के दूसरे दिन पुलिस की ओर से दो और आगजनी की शिकार पीड़ित की ओर से एक केस दर्ज कराया गया। तीनों केस में तीन सौ लोगों को आरोपी बनाया गया है।
इसमें 22 नामजद और 278 अज्ञात हैं। लालगंज कोतवाल ने पहाड़पुर और आसपास के रहने वाले प्रदीप मिश्रा, दीपू यादव, गंभीरे उर्फ बालकृष्ण मिश्रा, बच्चा सिंह, मुरलीधर मिश्र, ध्रुव तिवारी, जगत सरोज, अंबालाल सरोज, नीरज शुक्ल, दीपक हरिजन, कल्लू उर्फ रवीश दुबे, पप्पू उर्फ प्रदीप मिश्र, आलोक शुक्ल उर्फ जीनू, दीपू तिवारी, सोनू सोनी, दरबारी नाई समेत 60 अज्ञात के खिलाफ हत्या का प्रयास, बलवा, तोड़फोड़, दहशत फैलाने समेत कई अन्य धाराआें में केस दर्ज कराया है। आरोप है उपद्रव के दौरान घर में आग लगाने से रोकने पर लोगों ने तमंचे से पुलिस टीम पर फायर कर दिया। बाबूतारा गांव लालगंज में पड़ता है जिसके चलते कोतवाली में ही केस लिखा गया है। वहीं सांगीपुर के प्रभारी निरीक्षक ने भी सोमवार को पहाड़पुर में जाम लगाने और दरोगा से मारपीट को लेकर उपद्रियों पर शिकंजा कसा है। उन्होने लालगंज में नामजद सभी सोलह आरोपियाें को नामजद करते हुए 150 अज्ञात के खिलाफ सड़क जाम कर जनता को कष्ट पहुंचाने, पुलिस के साथ अभद्रता, जानलेवा धमकी, दहशत फैलाने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। तीसरा केस आगजनी की शिकार रमपुराइन पत्नी देवतादीन ने दर्ज कराया है। जिसमें छह लोग नामजद और चालीस अज्ञात हैं। पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास भी शुरू कर दिया है।