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बाघराय में तेंदुए का खौफ, रतजगा कर रहे ग्रामीण

Sun, 14 Jan 2018 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो - फोटो : pratapgarah
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तेंदुए के खौफ से लोग अब रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं। कई गांवों में मामूली खटपट होने पर भी तेंदुए के आने का शोर मच जाता है।।
बाघराय क्षेत्र के हर गांव के लोगों में तेंदुए का भय है। हर गांव में शाम को शोर शराबा हो रहा है। शाम छह बजे के बाद अधिकतर लोग अपने घरों में ही रहते हैं। शुक्रवार शाम बाघराय के पूर्वी क्षेत्र के काशीपुर गांव निवासी विवेक सिंह ने अपने घर के समीप तेंदुए को आते देखा। उसे देखते ही वह डर से शोर मचाने लगे। शोर सुनकर लोग दौड़े लेकिन इतनी देर में भाग जा चुका था। इससे गांव के लोगों ने पूरी रात जागते रहे। इस दौरान सभी अपने पालतू जानवरों की देखभाल में लगे रहे। दूसरे दिन वन विभाग की टीम ने तेंदुए को खोज की लेकिन वह नहीं मिला। शनिवार की भोर में तेंदुआ को भटपुरवा गांव में बड़ेलाल शर्मा ने अपने खेत में देखा। डर के मारे बड़ेलाल गांव की तरफ भागा। इसी तरह छतार, उमरा, लोसनापुर, छजईपुर साहित कई गांवों में तेंदुए को देखने का दावा किया जा रहा है। वहीं वन विभाग ने सचल दल का गठन किया है। कहा जा रहा है कि कंट्रोलरूम के नंबर पर फोन करते ही 20 मिनट में यह टीम गांव पहुंच जाएगी।
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आयुर्वेदिक दवाओं से पकड़ने का दावा कर रहा युवक ःकुंडा। एक युवक आयुर्वेदिक दवाओं से तेंदुए को पकड़ने का दावा कर रहा है। कुंडा कस्बे के नरसिंहगढ़ निवासी हेमकांत सोनकर आयुर्वेद चिकित्सक हैं। संग्रामगढ़ में क्लीनिक है। उसने दावा किया है कि अगर वन विभाग के लोग उसे मौका दें तो वह क्षेत्र में घूम रहे तेंदुए को पकड़ सकता है। उसका कहना है कि वह दवाओं के माध्यम से तेंदुए को आकर्षित करेगा। इसके साथ ही उन्हीं दवाओं के माध्यम से वह बेहोश भी हो जाएगा। इसके लिए उसे 24 घंटे का समय चाहिए। फिलहाल वह वन विभाग से अनुमति के इंतजार में है।
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