तेंदुए और उसके शावकों ने एक बार फिर से बाघराय इलाके में अपनी मौजूदगी का अहसास कराया है। रात में एक गांव में पहुंचकर 12 पिल्लों को मार दिया। इस दौरान घर के पास बंधी भैंस पर भी हमला किया। गांव में तेंदुए के पंजों के निशान पूरी तरह से नजर आ रहे हैं।
सुबह जानकारी होने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर रेंजर कुंडा मौके पर पहुंचे। अब तक तेंदुए को पकड़ पाने में नाकाम वन विभाग अब दूसरी जगह पिंजड़ा रखवाने की तैयारी कर रहा है।
बाघराय थाना क्षेत्र के देवरी वन में तेंदुए के होने की जानकारी कई दिनों से वन विभाग को है, लेकिन अब तक वह कोई भी कारगर उपाय नहीं कर पाया है। सेामवार रात मैधार गांव में रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे तेंदुए ने खूब तांडव मचाया। गांव के मुुन्ना यादव व शिवपाल यादव के घर पाले गए कुत्तों के 12 बच्चों को मार डाला। ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों ने रात में भौंकना शुरू किया था। बाद में उनकी चीखें निकल आईं, लेकिन लोगों ने उस समय इसे ठंड का असर माना। उधर, दिन में ग्रामीणों ने अपने जानवरों को देखना शुरू किया। इस दौरान एक भैंस के सिर पर भी तेंदुए के पंजे की खरोंच मिली। सुबह सूचना पर वन विभाग और पुलिस पहुंची। वन विभाग के रेंजर शिवशंकर सिंह ने कहा कि अब पिंजड़े की जगह बदली जाएगी। तेंदुआ इधर-उधर घूम रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दिन से वन विभाग इस मामले को देखने में लगा है, लेकिन अब तक वह कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। आस-पास के कई गांवों बदली का पुरवा, मलावा, लोसनापुर आदि गावों में भी तेंदुए के होने की सूचनाएं तैर रही हैं।