दो महीने में ही पत्नी ने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पति के साथ रहने से इंकार कर दिया। कोतवाली में गुरुवार को बातचीत में जब पत्नी ने अलग रहने का फरमान सुनाया और अपने सामान को वापस करने की बात कही तो पति वहां से भागा और जहरीला पदार्थ खा लिया। जल्दबाजी में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज चल रहा है।
कोतवाली क्षेत्र के रायपुर भरखी गांव निवासी सीपू (22) पुत्र राजेंद्र प्रसाद की शादी होलागढ़ के राजापुर चौबारा गांव निवासी रामसजीवन की पुत्री दीक्षा से 22 जनवरी 2017 को हुई थी। महज दो महीने में ही दोनों की बननी बंद हो गई। इसके बाद दोनों परिवार थाने पहुंच गए। बात यह होने लगी कि दोनों अलग हो जाएं।पति तैयार नहीं था इसके चलते थाने में बातचीत से मामला सुलझाने की बात शुरू हो गई। बातचीत में सारांश निकला कि दीक्षा अपने पति के साथ रहने को राजी नहीं हुई। उसका कहना था कि उसका सामान दे दिया जाए वह उस घर में जाना चाहती।
उधर ससुरालीजन जानने का प्रयास कर रहे थे कि उसका उत्पीड़न किस तरह से और किसने किया है। बावजूद इसके वह मान नहीं रही थी। जब सीपू को पूरा विश्वास हो गया कि वह उसके साथ नहीं जाएगी तो वह वहां से उठा और बाहर निकलकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। उसके पीछे निकले परिजनों ने उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन जहरीला पदार्थ उसके पेट में चला गया। इस पर परिजन उसे कुंडा सीएचसी ले गए। जहां उसका इलाज चल रहा है। उधर पत्नी कुछ देर तो थाने में परिजनों के साथ रही लेकिन वह बाद में चली गई। इस बारे में सबसे ज्यादा आश्चर्य की बात तो यह रही कि पति के जहर खाने के बाद भी महिला पर किसी तरह का असर नहीं हुआ।