संदिग्ध हालत में आग लगने से झुलसी विवाहिता की मौत हो गई। मायकेवाले ससुरालीजनों पर आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा करने लगे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि कोतवाली पुलिस की लापरवाही के कारण उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
पट्टी कोतवाली के कंसापट्टी निवासी विश्वनाथ पटेल का विवाह नगर कोतवाली के बराछा की रहने वाली ऊषा देवी (22) के साथ एक साल पहले हुआ था। विश्वनाथ परिवार के गुजर बसर के लिए परदेश में रहता है। मंगलवार की सुबह लगभग 8.30 बजे विश्वनाथ के घर से धुआं उठते देख आसपास के लोग दौड़ पड़े। कमरे का दरवाजा तोडक़र लोग भीतर घुसे तो दंग रह गए। आग से ऊषा जल रही थी। लोगों ने किसी तरह आग बुझाई। जेठ दिनेश उसे लेकर जिला अस्पताल भागा, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य कर्मचरियों ने शव को मर्चरी में बंद कर कोतवाली पुलिस को सूचना भेज दी।
मृतका के मायके वाले भी अस्पताल पहुंच गए। वह ससुरालीजनों पर जलाकर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। कुछ लोग दिनेश को लेकर अपने साथ चले गए। घटना के समय केवल मृतका की सास ही मौजूद थी। अस्पताल से पंचायतनामा भरने के लिए कोतवाली पुलिस को सूचना भेजी गई थी। पुलिस की लापरवाही के कारण शव का पंचायतनामा नहीं भरा जा सका। जिससे मर्चरी से मजिस्ट्रेट को लौट जाना पड़ा।