एक रेलवे कर्मचारी ने शहर के लीडर रोड स्थित होटल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह प्रतापगढ़ से आकर बृहस्पतिवार दोपहर से होटल में ठहरा था। शुक्रवार दोपहर भी वह कमरे से नहीं निकला तो शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई। शाहगंज पुलिस ने आकर दरवाजा तोड़ा तो अंदर युवक फंदे पर लटका मिला। सुसाइड नोट से अनुमान है कि उसने लव अफेयर में नाकामी पर खुदकुशी की है।
संजय कुमार पाल (24) पुत्र रंगबहादुर पाल प्रतापगढ़ में कोहड़ौर इलाके के पूरब पट्टी गांव का रहने वाला था। वह बृहस्पतिवार दिन में करीब सवा ग्यारह बजे यहां लीडर रोड स्थित होटल एनसी कांटीनेंटल में आया। उसे कमरा नंबर 105 में ठहराया गया। होटल कर्मियों ने बताया कि बृहस्पतिवार रात उसने खाना मंगाकर खाया था। फिर वह कमरे से नहीं निकला। शुक्रवार दोपहर तक वह बाहर नहीं आया तो एक वेटर ने दोपहर करीब एक बजे दरवाजे पर दस्तक दी। काफी देर तक खटखटाने पर भी कमरा नहीं खुला। वेटर ने मैनेजर को बताया। फिर शाहगंज थाने को सूचना दी गई। पुलिस ने आकर धक्का देकर दरवाजा तोड़ा।
कमरे में संजय कुमार लाल रंग की साड़ी के फंदे से लटका था। उसकी मौत हो चुकी थी। उसने अंडरवियर और बनियान पहन रखी थी। कमरे में बेड के पास बीयर की पांच खाली केन थी। इससे साफ है कि उसने नशे में डूबने के बाद साड़ी के फंदे से लटककर जान दी थी। पुलिस को कमरे में सुसाइड नोट भी मिला जिसमें संजय ने लिखा है-मैं जब भी कुछ करना चाहता था मुझे कोई न कोई रोक लेता था। किसी को पाने की चाह में मैं अपने घरवालों से झूठ बोलता था। मेरे मरने की खबर सबसे पहले इन फोन नंबरों पर दी जाए। संजय ने सुसाइड नोट में तीन मोबाइल नंबर लिखे थे। उनमें एक नंबर शायद उसकी प्रेमिका का है। पुलिस से खबर पाकर प्रतापगढ़ से परिवार के लोग आ गए।