करीबी मरीज का अस्पताल में इलाज कराने के बहाने कार बुक कराकर ले जाने वाले पुलिस अभिरक्षा से फरार बदमाश नौशाद उर्फ डीएम को एसटीएफ ने धर दबोचा। उसे इटावा पुलिस अपने साथ ले गई। कार मिलने पर मालिक ने राहत की सांस ली।
उड़ैयाडीह निवासी रमेंद्र सिंह की आटका कार बुक कराकर रविवार को आशिक पुत्र अकरम निवासी सरायशेरखां जामताली रानीगंज अपने करीबी के साथ लखनऊ गया था। वहां आशिक को दिखाने के लिए अस्पताल में छोड़कर चालक विनोद शर्मा को दवा लाने के लिए भेजा। दवा लेकर विनोद लौटा तो देखा कार गायब है। उसने यह बात आशिक को बताई तो वह दंग रह गया। मामले की जानकारी होते ही पुलिस अलर्ट हो गई। इस बीच एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम ने कार को विभूतिखंड गोमती नगर से धर दबोचा। कार में पुलिस अभिरक्षा से फरार चल रहा नौशाद उर्फ डीएम व उसका एक साथी मिल गया। पुलिस ने दोनों को कर्रा किया तो उन दोनों ने असलियत बता दी। घटना की खबर मिलने पर मालिक रामेंद्र सिंह परेशान हो गए थे। बताते हैं कि आशिक के घर नौशाद कई दिनों से आकर रह रहा था। इस बात की भनक तक स्थानीय पुलिस को नहीं लग सकी।