अपर सत्र न्यायधीश भैरवलाल ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसले में कुल्हाड़ी से काटकर मां की हत्या करने के आरोपी बेटे को आजीवन कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मानिकपुर इलाके के तिवारीपुर के समापुर गांव निवासी लाल सिंह ने मानिकपुर थाने में 13 जुलाई 2013 को अपने बड़े भाई लाल बहादुर पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एफआईआर के मुताबिक, 13 जुलाई को उनकी मां केवला देवी उनकी भाभी रेखा के साथ धान का खेत देखने गई थी। तभी उसके बड़े भाई लालबहादुर और उसका साला विमल खेत में पहुंचे। विमल के ललकारने पर लाल बहादुर ने मां केवला देवी के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। खून से लपतथ मां को पहले सरकारी अस्पताल और बाद में एसआरएन इलाहाबाद में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
वादी के अनुसार उसके पिता रामसजीवन रेलवे में नौकरी करते थे। नौकरी के दौरान ही पिता की मौत हो गई थी। बड़ा भाई ससुराल में रहकर मां से रुपये मांगता था। रुपये नहीं देने पर वह मां से रंजिश रखता था। कई बार जान से मारने की धमकी दे चुका था। साक्ष्य के अभाव में साला विमल कोर्ट से बरी हो गया।
एडीजे इस्तियाक अली ने सत्य प्रकाश, वरुणेंद्र उर्फ तरुण, सुधाशु उर्फ गुड्डू, परमेश्वर उपाध्याय निवासी पनिगो, मानिकपुर को गैंगेस्टर में दोषी पाते हुए तीन-तीन साल का सश्रम कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।