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लालगंज कोतवाल निलंबित

Wed, 25 Oct 2017 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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कोतवाली क्षेत्र में अपराध को रोकने में नाकाम रहने पर आखिरकार लालगंज कोतवाल को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। अपराध के लगातार बढ़ते ग्राफ से कोतवल बालेंदु गौतम एसपी के रडार पर चल रहे थे। बताया जा रहा है कि सप्ताह भर में हुई दो सनसनीखेज हत्या के बाद आखिरकार पुलिस अधीक्षक का सब्र टूट गया। तुषार दत्त त्यागी को लालगंज कोतवाल बनाया है।
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 लालगंज में हत्या, लूट व चोरी की घटनाओं से बदमाशों ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है। कोतवाली में तेजगढ़ में 10 सितंबर को सर्राफा व्यापारी भोलानाथ की हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया गया था। सप्ताह भर बाद शव जंगल में क्षत विक्षत मिला लेकिन हत्यारों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। सप्ताह भर पहले दीपावली के दिन पूरे जनई के पूर्व प्रधान पति त्रिलोकी नाथ गुप्ता की गोली मार कर अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। इसी तरह सोमवार को कोतवाली से दो किलोमीटर दूर पूरे हरिकिशुन में छात्र हरदेव को मौत के घाट उतार दिया गया। इसी तरह दो महीने के भीतर हत्या के प्रयास के दर्जन भर मामले कोतवाली इलाके दर्ज किए गए।

छात्र की हत्या के मामले में दोस्त पुलिस के रडार पर, पूछताछ शुरू
दूध बेचकर घर जा रहे छात्र की हत्या के मामले में मौके पर मौजूद दोस्त पर ही पुलिस को शक है। देरशाम कोतवाली में उससे पूछताछ होती रही। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो सका है कि हत्या में वह शामिल है या नहीं।  
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लालगंज कोतवाली के समसपुर पूरे हरिकिशुन निवासी कक्षा दस के छात्र हरदेव यादव(18) पुत्र रामसजीवन की सोमवार को गांव के समीप ही पूर्व प्रधान शिव बहादुर गुप्ता के घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक लालगंज कस्बे से दूध बेचकर घर वापस लौट रहा था। घटना के वक्त हरदेव के साथ पूर्व प्रधान का पुत्र सुनील गुप्ता भी मौजूद था। बताया जाता है कि सुनील व हरदेव एक गांव के थे, इसलिए उनके बीच दोस्ती भी थी। घटना के बाद पुलिस ने चार घंटे की मशक्कत के बाद शव कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जब छात्र को गोली मारी गई तो प्रत्यक्षदर्शी के रूप में सिर्फ उसका दोस्त सुनील गुप्ता ही मौजूद था। पुलिस ने पूछताछ के लिए उसे पिता के साथ सोमवार की देर शाम कोतवाली बुलाया। स्वाट टीम व कोतवाली पुलिस ने पूछताछ के बाद पूर्व प्रधान को घर भेज दिया, लेकिन उसके बेटे व मृतक छात्र के दोस्त सुनील को थाने में रोक लिया गया। सुनील का कहना है कि बदमाशों ने रंजिश के चलते उसकी हत्या का प्लान बनाया था, लेकिन निशाना चूक जाने से उसके दोस्त को गोली लग गई। दूसरे दिन भी पुलिस व स्वाट टीम उससे पूछताछ करती रही।
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