पूछताछ में सामने आया है कि यह हत्या जमीन के झगड़े को लेकर हुई है।
सपा नेता इद्रीश की हत्या में सत्तापक्ष के एक क्षेत्रीय इकाई के सफेदपोश की भूमिका सामने आई है। रिमांड पर आए मुख्य हत्यारोपी इमरान ने इसका खुलासा किया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी पुलिस ने बरामद कर ली है। सफेदपोश का नाम आने से घटना में नया मोड़ आ गया है। लालगंज कोतवाली के बाबूगंज डीहमेंहदी गांव में बीती 17 फरवरी को नमाज पढ़कर घर लौटते समय गांव में ही सपा नेता इद्रीश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या में गांव के ही इमरान को नामजद करते हुए पत्नी ने दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। पुलिस ने गांव के ही दो युवकों का नाम प्रकाश में लाते हुए जेल भेज दिया। इमरान ने न्यायालय में सरेंडर कर दिया था। प्रभारी कोतवाल अमित पांडेय ने इमरान से पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लेने का प्रार्थना पत्र दिया।
जिस पर न्यायालय ने छह घंटे के लिए रिमांड मंजूर कर ली। शनिवार को प्रभारी कोतवाल अमित पांडेय समेत हमराही मृत्युन्जय सिंह, मनोज सिंह व सदाशिव मुख्य आरोपी इमरान को रिमांड पर लेकर कोतवाली पहुंचे। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि इद्रीश की हत्या में सत्तापक्ष के क्षेत्रीय इकाई के सफेदपोश का हाथ है। पुलिस सूत्रों की मानेें तो उसने पुलिस को जो बयान दिया है उससे साफ हो गया है कि इद्रीश हत्या में इलाके के एक सपा नेता भी प्रमुख किरदार के रूप में शामिल है। उसने पुलिस को उसका नाम भी बता दिया है, लेकिन पुलिस अभी खुलासा नहीं कर रही है। पूछताछ के बाद इमरान की निशानदेही पर इद्रीश की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल कोतवाल अमित पांडेय ने डीहमेंहदी गांव के समीप घनी झाड़ियों से बरामद कर ली।