एकअज्ञात युवक की हत्या कर हत्यारों ने लाश को रेलवे लाइन के किनारे फेंक दिया। मृतक के सिर में चोट के निशान थे और खून से सना मफलर रेलवे लाइन के दूसरे छोर पर पड़ा था। सीमा विवाद को लेकर जीआरपी और कोतवाली पुलिस काफी देर तक उलझी रही। बाद में कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
नगर कोतवाली के पूरे माद व परशुरामपुर गांव के मध्य से गुजरी रेलवे लाइन के किनारे रविवार की सुबह 30 वर्षीय अज्ञात लड़के का शव खून से लथपथ देख ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर आरपीएफ व जीआरपी पहुंची लेकिन वे सीमा क्षेत्र को कोतवाली का बताते हुए अपना पल्ला झाड़ लिए। सूचना के बाद भी काफी विलंब से पुलिस मौके पर पहुंची। शव की शिनाख्त का पुलिस ने प्रयास किया लेकिन उसके पास ऐसा कुछ नहीं मिला। जिससे उसकी पहचान हो पाती। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो उसे फेंकने के बाद हत्यारे भाग निकले। जिस स्थान पर शव मिला। वह इलाका शाम होते ही सुनसान हो जाता है। ट्रेन से गिरने की भी संभावना नहीं दिखी। रेलवे लाइन पर कोई निशान नहीं मिला। नगर कोतवाल ने बताया कि हत्या का कोई निशान नहीं मिला। सिर में चोट के निशान हैं।
बताया जाता है कि मौके पर आरपीएफ व जीआरपी के जवान पहुंच गए। वे शव की पहचान के लिए प्रयास करने की बजाय रेलवे लाइन के किनारे खड़े होकर सिविल पुलिस का इंतजार कर रहे थे। पुलिस की संवेदनशून्यता देख ग्रामीणों को गुस्सा आ रहा था। लोगों का कहना था कि यदि अभी लाश का कोई वारिस होता तो शायद पुलिस की तेजी देखते ही बनती। यदि वह ट्रेन से गिरा होता तो उसकी जेब में कागजात व रुपये मिलते लेकिन उसकी जेब खाली थी। इससे हत्या की आशंका लोग जता रहे थे।