कुंडा। मीटिंग में बैठने के लिए सीट नहीं मिलने पर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सहित अन्य अधिकारियों को ब्लॉक में बंधक बना लिया। काफी देर समझाने के बाद भी ताला नहीं खुला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ताला खुलवाने में नाकाम रही। अफसरों के समझाने के करीब दो घंटे बाद चाबी नहीं मिलने पर ताला काटा गया।
मातृ-शिशु बाल सुधार और कुपोषण को लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन ब्लॉक परिसर में किया गया था। इसके लिए तीन ब्लॉकों की आशाओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं सहित एएनएम, सीडीपीओ, सुपरवाइजर को भी बुला लिया गया था। 10 बजे से ब्लॉक परिसर में कार्यक्रम शुरू हुआ तो आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बैठने की जगह नहीं मिली। काफी देर खड़ी रहीं आशाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने इसकी शिकायत ब्लाक कर्मियों से की तो कहा गया कि उन्हें किसने मीटिंग में बुलाया। इससे वे आक्रोशित हो गईं। आशाएं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सभागार से बाहर आ आईं।
बाहर कुछ देर तक वे नारेबाजी करती रहीं। इसके बाद भी किसी के कुछ नहीं बोलने से वे और आक्रोशित हो गईं और ताला मंगाकर ब्लॉक के मुख्यद्वार पर लगा दिया। कुछ देर बाद मीटिंग खत्म हुई तो अधिकारी परेशान हो गए। अधिकारियों के निकलते ही आशाओं ने फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। करीब दो घंटे ताला बंद रहा। पहले सीएचसी अधीक्षक रावेंद्र सिंह ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद एसडीएम प्रदीप कुमार का भी प्रयास बेकार गया। पुलिस ने भी समझाने का प्रयास किया। धक्का-मुक्की हो गई। काफी देर बाद फिर से एसडीएम ने उनसे गलती मानते हुए दोबारा व्यवस्था ठीक रखने की बात कही तो ताला खोलवाने पर राजी हुईं। बावजूद इसके चाबी नहीं मिली तो ताला तोड़वाया गया। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष माधुरी सिंह ने अफसरों को चेतावनी दी है कि वे कार्यकत्रियों को भी सम्मान दिया करें।
भारी भीड़ के दौरान कुंडा की एक सुपरवाइजर का बैग ही गिर गया। इसकी उसे जानकारी ही नहीं हुई। बाद में बैग मिला नहीं। उसने पुलिस वालों से शिकायत की। एक एएनएम की चांदी की पायल गायब हो गई। जानकारी पुलिस को दी गई।
ब्लॉक का मुख्य गेट बंद करने के बाद आशाओं की भारी भीड़ गेट पर थी। इसके चलते लोगों को रोड पर आने जाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। कोई गेट से हटने का नाम ही नहीं ले रहा था। इससे जाम में कई गाड़ियां फंस गईं। इससे लंबी लाइन लग गई। गेट खुलने के बाद तो एक तरफ से पूरा ट्रैफिक ही जाम हो गया।
सूचना देने में गलती कर दी गई। जिन लोगों की ड्यूटी लगी थी उन्हें ही सूचना देनी थी, लेकिन अन्य लोगों को भी बुला लिया गया। इससे समस्या खड़ी हो गई।
रमाशंकर, बीडीओ कुंडा।