जिले की प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह की मौजूदगी में सांसदों और विधायकों ने लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग, आवास, स्वच्छता अभियान में हुए घोटाले का मामला उठाते ही सदन में हंगामा होने लगा। डीएम और सीडीओ की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों नेे अफसरों से ऐसे सवाल किए कि उनकी बोलती बंद हो गई। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में पांच सौ करोड़ रुपये के घपले का आरोप लगाते हुए कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग करने पर डीएम ने मुहर लगा दी है। इसके साथ ही बिजली विभाग, प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छता अभियान में हुई धांधली की जांच कराने पर मुहर लगाई गई है।
विकास भवन में शनिवार को हुई दिशा की बैठक में प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह की मौजूदगी में सांसदों और विधायकों ने अफसरों का काला चिट्ठा खोलकर दंग कर दिया। प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में सांसद और विधायकों ने अफसरों के खेल का खुलासा किया, तो वह चुप्पी साथ गए। सांसद विनोद सोनकर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पांच वर्षो में निर्मित 66 सड़कों के निर्माण में पांच सौ करोड़ रुपये के घपले का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़कों का निर्माण नहीं कराया गया और भुगतान कर लिया गया है।
सांसद ने सदन में अधिशासी अभियंता की मौजूदगी में स्वयं उन सड़कों को देखने मौके पर गए, जिसके निर्माण के लिए करोड़ों रुपये निकाल लिए गए हैं, मगर सड़कों का निर्माण नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारियों की जांच में भी सब कुछ ओके बता दिया गया है। प्रभारी मंत्री ने कमेटी बनाकर घपले की जांच कराने को कहा। स्वच्छ भारत मिशन योजना में करोड़ों रुपये के घपले का मामला उठने पर डीपीआरओ जवाब नहीं दे सकें। तबादला होने के बाद भी जमे लेखाकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नेताओं ने धांधली की जांच के लिए कमेटी बनाने की मांग की।
प्रभारी मंत्री ने डीएम से अविलंब जांच कमेटी बनाने को कहा है। सांसद हरिवंश सिंह ने बिजली विभाग में ज्योति ग्राम योजना, सौभाग्य योजना में करोड़ों रुपये के घपले का मामला उठाया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के एक अधिकारी का वह वीडियो भी सुनाया जिसमें विद्युतीकरण कराने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। सदर विधायक संगमलाल गुप्ता ने कोहंडौर-चंदौका मार्ग निर्माण में हो रही अनियमितता की जांच कराने का मामला उठाया।
सदर विधायक ने बिजली विभाग के अफसरों को आड़े हाथों लेेते हुए कहा कि सैकड़ों बार पत्र लिखने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है। बैठक से गायब रहे सीएमओ का एक दिन का वेतन काटने का आदेश हुआ है। बैठक में रानीगंज विधायक धीरज ओझा, डीएम शंभु कुमार, सीडीओ राजकमल यादव, पीडी अरविंद सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर यादव, रोशनलाल उमरवैश्य आदि मौजूद रहे।