फतनपुर थाना क्षेत्र में सहेली की दगाबाजी से प्रधान ने एक किशोरी की अस्मत लूट ली। आरोप है कि पीड़िता की सहेली उसे धोखे से अपने साथ ले गई और एक कमरे में बंद कर प्रधान के हवाले कर दिया। जहां प्रधान ने उसकी इज्जत तार-तार कर दी। घटना की जानकारी के बाद पीड़िता के परिजन जब सहेली के घर उलाहना देने गए तो उसके परिजनों ने उन पर हमला बोल दिया। थाने में सुनवाई न होने पर परिजन पीड़िता संग पुलिस अधीक्षक से मिले। एसपी ने मामले में कार्रवाई का आदेश दिया है।
क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को रविवार की रात उसकी सहेली शौच के बहाने सोते समय उठाकर ले गई। उसे धोखे में रखते हुए एक मकान में ले गई और बहाने से एक कमरे में ले जाने के बाद बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। वह चिल्लाती रही लेकिन उसकी पुकार कोई सुनने वाला नहीं था। किशोरी की मानें तो उस कमरे में गांव का प्रधान मौजूद था। उसने जबरन उसकी अस्मत लूट ली। प्रधान के चंगुल से आजाद होने के बाद उसकी सहेली ने दरवाजा खोला। जिसे लेकर दोनोें के बीच तकरार हुई।
मामले की जानकारी किशोरी ने परिजनों को दी। सोमवार की सुबह परिजन किशोरी की सहेली के घर उलाहना लेकर गए। जहां सहेली के परिजनों ने किशोरी के घरवालों पर हमला बोल दिया। गांव के लोगों के बीच बचाव पर विवाद शांत हुआ। पीड़ित परिवार थाने गया लेकिन पुलिस ने उन्हें भगा दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक से मिलकर पीड़ित परिवार ने अपनी व्यथा सुनाई। एसपी ने फतनपुर पुलिस को मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया। प्रभारी एसओ दीप नारायण ने बताया कि पीड़िता के आरोप संदिग्ध हैं। मामले की जांच की जा रही है। गांव में इस बात की चर्चा है कि पहले भी प्रधान के ऊपर इस तरह के आरोप लग चुके हैं।