फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधान के परिवार को जिंदा फूंकने की थी तैयारी

Wed, 17 Jun 2015 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
सांगीपुर थाना क्षेत्र के कुंभापुर की प्रधान सावित्री देवी के परिवार वालों को उपद्रवी जिंदा जला देने की फिराक में थे। तभी तो दुकान व मकान में लगी आग बुझाने के लिए आगे बढ़ रही पुलिस व फायरब्रिगेड से बवाली भिड़ गए। ऐसा पथराव किया कि पुलिस को पीछे हटना पड़ा। पुरुषों से आगे तो महिलाएं थीं। वे बराबर पुलिस को भगाने के लिए हाथ में लाठी-डंडा लेकर बवाल करती रहीं। दो मंजिला मकान में फंसे प्रधान व उसके परिजन छत से बचाने के लिए पुलिस से मदद की गुहार लगाते रहे।
विज्ञापन


बाबा घुइसरनाथ की नगरी में लोगों ने कभी ऐसे बवाल की कल्पना तक नहीं की थी। प्रधान के परिवार के लोगों और कोटेदार रमेश वर्मा के परिवार के लोगों के बीच रंजिश ऐसी हो होगी, ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। रमेश का शव लेकर प्रधान के घर के करीब सड़क पर रखकर ग्रामीण बवाल करने लगे। लोगों की मानें तो दोनों ओर से पथराव के बाद हालात बेकाबू हो गए। बाद में प्रधान के परिवार के लोग दरवाजा अंदर से बंदकर घर के भीतर घुस गए। इसी बीच मौका पाकर उपद्रवी मकान के बाहर आगजनी करने लगे। पहले तो लोगों ने वाहनों को निशाना बनाया, लेकिन बाद में दुकान के भीतर व मकान में भी आग लगा दी। उपद्रवी प्रधान के परिवार वालों को जिंदा जला देने की  मंशा पाल रखे थे। मौके पर पहुंची पुलिस को वे आग से घिरे से प्रधान के घर की ओर बढ़ने नहीं दे रहे थे।

 जैसे ही पुलिसकर्मी या फिर फायरब्रिगेड कर्मी आग बुझाने के लिए आगे आते, पुरुष तो दूर महिलाएं ही उनसे भिड़ जातीं। लाठी-डंडे से लैस महिलाओं के तेवर देख पुलिसकर्मी बैकफुट पर नजर आने लगे। मकान से उठती आग की लपटों में फंसे प्रधान के परिजन बराबर जान बचाने के लिए गुहार लगाते रहे। पुलिस भी उपद्रवियों के सामने असहाय नजर आई। आसपास के लोग भी घटना से इस कदर भयभीत थे कि प्रधान के परिवार के लोगों को अपने मकान की छतों पर उतरने से रोक रहे थे। उन लोगों को आशंका थी कि यदि प्रधान के परिवार के लोगों को वे अपने मकानों में पनाह देते हैं तो उपद्रवी उन लोगों को भी अपना निशाना बनाएंगे। इस दौरान प्रधान का परिवार ईश्वर को याद करता रहा। आग का विकराल रूप देख हर कोई आशंका जताने लगा कि प्रधान का परिवार जिंदा जल जाएगा, लेकिन ऐन वक्त पर एएसपी पश्चिमी दिनेश सिंह ने बहादुरी का काम किया। उनकी जांबाजी के चलते प्रधान के परिवार के लोगों की जान बच सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें