कोटेदार की मौत के बाद शुरू हुआ बवाल पुलिस के पहुुंचने के बाद गुरिल्ला युद्ध में तब्दील हो गया। बवालियों की भीड़ दो घंटे तक उत्पात मचाती रही। उपद्रवी लगातार पुलिस पर पथराव कर रहे थे। कई बार भीड़ पुलिस पर भारी पड़ती नजर आई। जब भीड़ की ओर से ईंट व पत्थर का निशाना खाकी बनती तो वह अपनी जान बचाने के लिए पेड़ व मकानों के पीछे छिपती नजर आई।
भीड़ ने बाजार में ही नहीं बल्कि डभियार स्कूल के आसपास भी मोर्चा संभाल रखा था। संग्रामगढ़ से आ रही फायर ब्रिगेड टीम को डभियार से कुछ दूर आगे भीड़ ने अपने निशाने पर ले लिया। बवालियों के ईंट और पत्थर बरसाने पर पुलिसकर्मी भागने लगते। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मियाें को चोटें आईं। पर हालात के आगे मजबूर खाकी आगे-पीछे होती रही। इस बीच लालगंज से एसडीएम वाईबी सिंह पहुंचे तो पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ फायरिंग शुरू की। भीड़ व खाकी के बीच दो घंटे से भी अधिक समय तक गुरिल्ला युद्ध चलता रहा।