प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा के स्वास्थ्य के प्रति ध्यान देने के लिए शासन ने उन्हें 48 घंटे भर्ती करने के लिए निर्देश दिया है। मगर 12 घंटे में ही प्रसूता को घर भेज दिया जा रहा है। आरोप है कि ये खेल बजट में बंदरबांट के लिए चल रहा है।
जिला महिला अस्पताल में नार्मल प्रसव होने पर दस से 15 घंटे भर्ती कर प्रसूताओं की देखरेख की जाती है मगर सीएचसी-पीएचसी और एएनएम सेंटर पर दो घंटे बाद प्रसूताओं को घर भेज दिया जाता है। लिखापढ़ी में उन्हें 48 घंटे भर्ती दिखाया जाता है। शासन ने सर्वे कराया तो हकीकत सामने आ गई। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने सीएमओ को पत्र भेजकर प्रसूताओं को 48 घंटे भर्ती करने और मेन्यू के अनुसान खाना और नाश्ता देने के लिए निर्देश दिया है। सीएमओ यूके पांडेय ने बताया कि जानकारी मिली है कि सीएचसी और पीएचसी से 10 से 12 घंटे म ेंप्रसूताओं को छोड़ दिया जाता है, उन्हें 48 घंटे रोकने और समय से नाश्ता और खाना देने के लिए निर्देश दिया गया है।