शहर के बाबागंज में स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में शुक्रवार को भी साफ-सफाई
का काम जारी रहा। सफाई के साथ ही साज-सज्जा भी शुरू हो गई। प्रशासन मौन
बना रहा।
होटल गोयल रेजीडेंसी में 19 जून की रात लगी आग से दस लोगों की दर्दनाक मौत
हो गई। जबकि दर्जन भर से अधिक लोग झुलस गए थे। हादसे के बाद लोगों में
आक्रोश देखकर तत्कालीन जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने होटल को बंद करने का
आदेश दिया। पुलिस ने होटल मालिक सुनील गोयल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार
करके जेल भेज दिया। कुछ दिनों पहले होटल का ताला खुला, लेकिन मामला गरमाने
पर पुलिस ने फिर होटल सील करा दिया। दो दिन पहले फिर होटल खोलकर साफ-सफाई
शुरू करा दी गई।
इसकी जानकारी होने पर दूसरे दिन पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पूछताछ के
बाद लौट आई। होटल मालिक की तरफ से कहा गया कि एसडीएम के आदेश पर होटल खुला
है, जबकि एसडीएम इससे इनकार करते रहे। शुक्रवार को भी होटल में साफ-सफाई
और रंग-रोगन का काम होता रहा। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने होटल का ताला खुलने और लोगों का
आक्रोश देखकर एसडीएम को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से होटल को बंद कराए
जाने की मांग की गई है। पत्र में लिखा है कि होटल खुलने से लोगों में
आक्रोश हो सकता है। इसके बाद भी एसडीएम सदर व एडीएम कोतवाल के इस पत्र पर
ध्यान नहीं दे रहे हैं।
होटल रेजीडेंसी में आग लगने के बाद पुलिस ने दस लोगों की तहरीर पर मुकदमा
जरूर दर्ज कर लिया, मगर कार्रवाई शून्य रही। आज तक फरार चल रहे आरोपियों की
न तो गिरफ्तारी की गई और न ही उनके खिलाफ कुर्क ी की कार्रवाई। जबकि सीओ
सिटी मनीष मिश्र ने इसके लिए कोतवाली पुलिस को आदेश भी दे रखा है। सीओ सिटी
मनीष मिश्र ने बताया कि वह स्वयं जांच कर रहे हैं और फरार चल रहे आरोपियों
की जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही पुलिस पकड़ से दूर रहने वाले
आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।