गांव के किसानों की गाढ़ी कमाई को लूटने वाली चिट फंड कंपनियों पर अब शिकंजा कसेगा। भारतीय रिजर्व बैंक ने चिट फंड कंपनियों की जांच और कार्रवाई का अधिकार एलडीएम को प्रदान कर दिया है। शहर में जल्द ही इसके लिए जांच अभियान चलने वाला है।
गांव की भोली-भाली जनता की गाढ़ी कमाई को पल भर में लेकर फरार होनी वाली चिट फंड कंपनियों के संचालकों को अब जेल की हवा खानी होगी। जिले में वीआईपी कार्यालय खोलकर तीन साल में धन दोगुना करने के बहाने रुपये जमा कराने वाली कंपनी के संचालक और कर्मचारी अब जनता को नहीं ठग पाएंगे। जिले में सात वर्ष के अंदर लगभग नौ कंपनियां खुलीं और दो साल के अंदर बंद भी हो गईं।
जिले के हजारों लोगों के करोड़ों रुपये लेकर कंपनी संचालक फरार हैं। पीड़ितों ने चार कंपनी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया। मगर अभी तक किसी को भी एक पाई नहीं मिली है। एलडीएम उमानाथ द्विवेदी ने बताया कि जिले में अभियान चलाकर चिट फंड कंपनियों की जांच की जाएगी। लाइसेंस और आवश्यक अभिलेख नहीं दिखाने पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।