संदिग्ध हालत में ससुराल में एक महिला की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे मायके वाले घंटों पंचायत की। बात नहीं बनी तो मामले की सूचना पुलिस को देते हुए महिला की हत्या का आरोप लगाने लगे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जेठवारा थाना क्षेत्र के गौतम का पुरवा निवासी दशरथ पुत्र उदयपाल का विवाह वर्ष 2005 में बाघराय थाना क्षेत्र के कोड़राजीत निवासी रात प्रताप सिंह की बेटी निशा के साथ हुआ था। शादी के बाद एक बेटा ऋषि पैदा हुआ। दो साल पहले ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर निशा अपने मायके में जाकर रहने लगी। आठ फरवरी को रिश्तेदारों की पंचायत के बाद ससुराल के लोग उसे विदा कराकर अपने घर लाए। सोमवार को उसकी संदिग्ध मौत हो गई। यह खबर मायके पहुंची तो लोग रोते बिलखते निशा की ससुराल पहुंचे।
वहां कई घंटे तक उनके बीच निशा की मौत को लेकर पंचायत होती रही। मायके वाले ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज हत्या का आरोप लगाने लगे। रिश्तेदारों के बीच बचाव के बाद भी बात नहीं बनी। शाम को खबर मिलने पर जेठवारा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिवार वालों ने पुलिस को तहरीर देते हुए पति समेत ससुरालीजनों पर दहेज में दो लाख रुपये न देने के चलते निशा की हत्या का आरोप लगाया है। बताया जाता है कि निशा ने महिला सहायता प्रकोष्ठ में शिकायत की थी। जिसमे दोनों पक्षों की मौजूदगी में बातचीत हुई। फिर सुनवाई के लिए 22 फरवरी को तिथि दी गई है। घटना को लेकर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है।