राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा की हार पर राज्यपाल रामनाईक ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद संवैधानिक होता है। राजनीतिक विशलेषण करना मेरा काम नहीं। संसद का शीत सत्र चल रहा है। इसके बाद पार्टी इस पर मंथन करेगी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पद राजनीति से परे होता है। हम संविधान के अनुरूप कार्य करते हैं। रही बात चुनाव में जीत और हार की तो जिस भी पार्टी ने चुनाव में जीत दर्ज की है उसका अभिनंदन। सरकार बनाने का कार्य वहां के राज्यपाल का है। बीजेपी की हार का कारण कहीं एसटीएसटी एक्ट तो नहीं...इस सवाल पर उन्होंने कहा इस विषय पर मैं अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे सकता। यह विश्लेषण करना उनका विषय है। बुलंदशहर की घटना व यूपी में बिगड़ती कानून व्यवस्था के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि बुलंदशहर की घटना शर्मनाक है। प्रदेश सरकार इसे लेकर गंभीर है। घटना को लेकर सरकार का प्रयास जारी है। शिक्षा के क्षेत्र में बजट कम आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सप्लीमेंट्री बजट दिया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है।
अखिलेश भी हमारे, योगी भी हमारे
शहर के किशोरी सदन में आयोजित जगदीश मातनहेलिया मेमोरियल ट्रस्ट के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि जिस किसी भी पार्टी की सरकार प्रदेश में होगी, वह मेरा है। इसके पहले अखिलेश यादव की सरकार थी, वह भी हमारे थे। वर्तमान में योगी आदित्यनाथ की सरकार है, वह भी हमारे हैं।
चरैवति पुस्तक की चर्चा, हमेशा चलते रहने की दी नसीहत
राज्यपाल रामनाईक ने खुद की लिखी पुस्तक चरैवति की चर्चा कर लोगों को इसके मायने समझाए। उन्होंने बताया कि चरैवति का मतलब हमेशा चलते रहना। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रि या से व्यक्ति को बहुत सारी चीजें सीखने को मिलती हैं। जो सोता है उसका भाग्य सो जाता है। जो बैठता है उसका भाग्य बैठ जाता है। जो चलता है उसका भाग्य चलता रहता है। इसलिए जीवन में कभी रुकना नहीं चाहिए।
वंदेमातरम से कार्यक्रम की शुरुआत, राष्ट्रगान से समापन
ट्रस्ट के लोकार्पण कार्यक्रम की शुरुआत वंदेमातरम गीत से हुई। मंच पर उपस्थित अतिथि व पंडाल में उपस्थित लोगों ने इसका गायन किया। इसके बाद आगे का कार्यक्रम शुरू हुआ। वहीं समापन राष्ट्रगान से हुआ।
सेल्फी लेने की लगी रही होड़
लोकार्पण समारोह के समापन के बाद जैसे ही राज्यपाल रामनाईक व पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पं. केसरीनाथ त्रिपाठी मंच से उतरकर पत्रकारों से बातचीत करने के लिए आगे बढ़े कि इस बीच लोगों में सेल्फी लेने की होड़ लग गई। इसमें भाजपा नेता भी दिखे।