तहसीलदार से मारपीट के आरोपी संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके विरोध में वकीलों ने तहसील में जमकर हंगामा किया। कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार कर दिया। गिरफ्तारी देने के लिए कोतवाली पहुंचकर अफसरों का घेराव किया। वकीलों के हंगामे से तहसील से लेकर कोतवाली तक अफरातफरी का माहौल रहा। तहसीलदार पर कार्रवाई व वकीलों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन का एलान किया है। बवाल की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भारी भरकम फोर्स की तैनाती कर रखी थी। देर शाम गिरफ्तार वकील को जेल भेज दिया गया।
सोमवार को लालगंज तहसीलदार ठाकुर प्रसाद से मारपीट के आरोप में संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह, विकास मिश्र, संदीप सिंह, आसिफ अली समेत 25 अज्ञात वकीलों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा, एससी/एसटी व सरकारी कार्य में बाधा समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था। वकीलों की तहरीर लेने के इंकार करने के साथ ही पुलिस ने साफ कर दिया था कि वह देर सबेर वकीलों के खिलाफ कोई कार्रवाई जरूर करेगी। रात होते ही पुलिस ने आरोपी वकीलों के घर गिरफ्तारी को लेकर दबिश दी।
मंगलवार की भोर में करीब तीन बजे कोतवाली के बेलहा स्थित घर से नामजद अधिवक्ता व संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को अंदाजा था कि वकील की गिरफ्तारी के बाद उसे यहां रखने पर बवाल हो सकता है इसलिए वीरेंद्र सिंह को नगर कोतवाली भेेज दिया गया। अन्य वकीलों को गिरफ्तार करने का प्रयास पुलिस ने किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मंगलवार को सुबह संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष की गिरफ्तारी की जानकारी आग की तरह फैल गई और वकीलों
का जमावड़ा तहसील परिसर मेंहोने लगा।