सुलतानपुर जनपद की दो छात्राओं की मौत को खुदकुशी मानने के लिए परिजन तैयार नहीं है। पुलिस की कहानी पर उन्हें भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि हत्या करने के बाद दोनों के शव रेल लाइन पर फेंके गए। वहीं देवसरा पुलिस को घटना की जांच करने की फुर्सत नहीं है। पुलिस ने मंगलवार को परिवार के लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। इस दौरान परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर घटना का खुलासा करने की मांग की।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के नीमा गोपालपुर हाल्ट के करीब सोमवार की सुबह रेलवे लाइन पर दो छात्राओं के शव देख सनसनी फैल गई थी। उनकी पहचान सुलतानपुर जनपद के लंभुआ थाना क्षेत्र के गोसाई का पुरवा निवासी अर्चना (17) पुत्री श्रीराम और कविता वर्मा (16) पुत्री रामलवट वर्मा निवासी कोथराखुर्द घूरीपुर के रूप में हुई थी। दोनों लंभुआ स्थित सर्वोदय इंटर कालेज में कक्षा 12 की छात्रा थीं। पुलिस शुरू से घटना को खुदकुशी बता रही है, लेकिन परिजन इसे मानने से इनकार कर रहे हैं।
अर्चना के भाई पप्पू का कहना है कि तीस रुपये किराया देकर दोनों को भेजा था। दोनों के बीच कालेज में पढने के दौरान दोस्ती हुई थी। अर्चना और कविता खुदकुशी नहीं कर सकतीं। आत्महत्या की वजह भी होना चाहिए। कविता के पिता रामलवट वर्मा भी बेटी के खुदकुशी पर यकीन नहीं कर रहे। उनका कहना है कि यदि दोनों को खुदकुशी करनी होती तो घर के करीब ही रेलवे लाइन पर कर लेतीं। इतनी दूर आने की कोई जरूरत नहीं थी। उनकी हत्या कर शवों को फेंका गया है ताकि घटना को खुदकुशी का रूप दिया जा सके।
इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। कविता की कापी में जो नाम व दो मोबाइल नंबर लिखे हैं, वह परिवार के लोगों के नहीं हैं। दोनों नंबरों की छानबीन से हकीकत का पता चल सकता है। इधर देवसरा पुलिस घटना को गंभीरता से नहीं ले रही है। घटनास्थल के आसपास लोगों से छानबीन कर हकीकत खंगालने के बजाय मृतक छात्राओं के परिजनों को ही थाने पर पूछताछ के लिए बुला लिया। छात्राओं का अंतिम संस्कार करने के बाद परिजन सच्चाई जानने के लिए देवसरा थाने पहुंचे। एसओ देवसरा ने बताया कि परिवार के लोगों के हवाले बैग किया जाना था। इसलिए बुलाया गया था। तहरीर मिली है, मोबाइल नंबर बंद हैं। उन नंबरों की काल डिटेल भी खंगाली जाएगी।
मुस्कान ही है कविता
जनपद सुलतानपुर के लंभुआ थाना क्षेत्र के कोथरा खुद घूरीपुर निवासी कविता वर्मा पुत्री रामलवट वर्मा ने सर्वोदय इंटर कालेज में कक्षा 11 में प्रवेश लिया था। पढ़ाई के दौरान उसकी दोस्ती अर्चना पुत्री श्रीराम निवासी गोसाई का पुरवा से हो गई। कविता का नाम ही मुस्कान था। अर्चना के भाई पप्पू का कहना है कि कविता को ही मुस्कान के नाम से बुलाया जाता था। उसकी बहन अर्चना उसका नाम मुस्कान ही बताई थी। जबकि कविता के पिता का कहना था कविता का नाम मुस्कान सहेली अर्चना ने ही रखा था। फिलहाल इस बात से यह स्पष्ट हो गया कि कविता का नाम ही मुस्कान था।
मुस्कान के नाम के साथ जोड़ा गया अविनाश कौन
कविता की कापी में शायरी भी लिखी हुई थी। जिसमे मुस्कान के नाम के साथ अविनाश का नाम जोड़ा गया था। हालांकि कापी में अविनाश नाम को काट दिया गया था। मुस्कान के साथ अविनाश का नाम लिखा था। उसे कब काटा गया। उस नाम को किसने लिखा था। आखिर अविनाश कौन है। इस सवाल का जवाब परिवार के लोगों के पास भी नहीं है। कविता की कापी में लिखी बातों को खंगालने व राइटिंग मिलाने के लिए भी परिजन परेशान दिखे। ताकि सच्चाई तक पहुंचा जा सके।
घर के मोबाइल नंबर की भी निकाली जाएगी काल डिटेल
सुलतानपुर जिले की दो छात्राओं का शव देवसरा के नीमा हाल्ट रेलवे स्टेशन के पास मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस परिवार के लोगों का मोबाइल नंबर लेकर काल डिटेल खंगालने की तैयारी में है। परिवार के लोग यह तो बता रहे हैं कि दोनों बातचीत फोन पर करती थीं।
और पुलिस को मोहब्बत में धोखा खाने पर खुदकुशी की आशंका
देवसरा थानाध्यक्ष राकेश कुमार दोनों छात्राओं की मौत को खुदकुशी ही मान रहे हैं। उनका कहना है कि मोहब्बत में धोखा खाने के बाद छात्राओं ने यह कदम उठाया। कापी में लिखी शायरी में अविनाश का नाम मुस्कान के साथ लिखा था। बाद में नाम को काटा गया था। कालेज से लेकर घर के आसपास अविनाश नाम के युवक की तलाश परिवार के लोगों से पूछताछ के बाद होगी। प्रथम दृष्टया आत्महत्या ही लग रही है। परिवार के लोगों से बातचीत के बाद खुदकुशी की वजह भी खंगाली जाएगी।
दोनों सहेलियों की एक साथ जलीं चिताएं
एक साथ दुनिया छोडने वाली सहेलियों की मंगलवार को एक साथ चिता चली। जिसे देख घाट पर मौजूद लोगों की आंखों से आंसू बहने लगे। सोमवार की रात शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया था।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के नीमा हाल्ट के करीब रेलवे लाइन के बीच सोमवार की सुबह अर्चना (17) पुत्री श्रीराम निवासी गोसाई का पुरवा और कविता वर्मा (16) पुत्री रामलवट वर्मा निवासी कोथराखुर्द घूरीपुर थाना लंभुआ जनपद सुलतानपुर का शव मिला था। पोस्टमार्टम के बाद देर रात परिजन शव लेकर घर पहुंचे। शव पहुंचते ही दोनों घरों में कोहराम मच गया। मंगलवार को अर्चना और कविता का शव लेकर परिजन गोमती नदी के किनारे धवपाप घाट पहुंचे। दोनों सहेलियों की एक साथ चिता जलाई गई।
दोनों की चिताएं एक साथ जलते देख लोग रोने बिलखने लगे। कालेज में पढने वाले विद्यार्थी भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। लोग दोनों की दोस्ती को लेकर चर्चा करते रहे। परिवार के लोग भी कहते नजर आए कि ऐसी दोस्ती बहुत कम देखने को मिलती है। भले ही दोनों की मौत का कारण अबूझ बना हुआ, लेकिन एक साथ दुनिया छोडने वाली सहेलियों की चिताएं एक स्थान पर ही जलीं। दूसरी ओर सर्वोदय इंटर कालेज में शोक के चलते अवकाश घोषित कर दिया गया। हर कोई छात्राओं की मौत से हतप्रभ था।