प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर बुधवार की रात जीआरपी ने ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए गिरोह के दो सदस्यों के पास से पुलिस ने चोरी के सात मोबाइल बरामद किए हैं। इसमें से कई मंहगे मोबाइल हैं। दोनो को गुरुवार को जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार चोरों के ऊपर दूसरे जिले के थानों में भी चोरी के मुकदमे पंजीकृत हैं। ये लोग जेल भी जा चुके हैं।
बुधवार की रात स्टेशन पर मोबाइल चोरी करने के आरोप में यात्रियों ने तीन नाबालिग बच्चों को पकड़ा था। सूचना पर पहुंची जीआरपी तीनों को पकड़कर थाने पर ले आई थी। पूछताछ में पता चला कि ये लोग घूंमतू जाति के हैं। रेलवे यार्ड में इनके माता-पिता भी हैं। रात में पुलिस वाले यार्ड में पहुंचे। कई महिला और पुरुषों को उठाकर थाने पर लाया गया। उनके सामानों की तलाशी ली गई तो चोरी के सात मोबाइल मिले। इसमें आईफोन एपल, सैमसंग जे-5 समेत अन्य कंपनियों के महंगे मोबाइल थे। शक होने पर पुलिस ने पकड़े गए करिया और सियाराम निवासी शाहपुर जलालपुर जिला अंबेडकर नगर को कर्रा किया तो उन्होंने सारी सच्चाई बयां कर दी। पुलिस के अनुसार दोनों ने कबूला कि सारे मोबाइल चोरी के हैं। इनका धंधा यात्रियों का मोबाइल चोरी करना है। एसओ वीके सिंह ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्य रात में भाग निकले। उनकी तलाश की जा रही है। पकड़े गये करिया और सियाराम sके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। ये पहले भी फैजाबाद, सुल्तानपुर और पीपरपुर थाने से जेल जा चुके हैं।
चोरी करने में बच्चों का भी गैंग
इस गिरोह में बड़ों के अलावा इनके बच्चों का भी एक गैंग है। जो चोरी की घटनाओं को वारदात दे रहा है। बच्चा समझकर लोग शक नहीं करेंगे और मासूम चेहरे पर तरस खाकर छोड़ देेंगे। पकड़े भी गये तो थाने पर पुलिस छोड़ देगी। इसी का फायदा यह गिरोह और इनके बच्चे उठा रहे हैं। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि घटना को अंजाम देने के बाद बच्चे चुराये गये मोबाइल व अन्य चोरी के सामानों को चुपके से ले जाकर मां-बाप को दे देते थे। बुधवार की रात को भी ऐसा ही हुआ था। गिरोह में शामिल मां-बाप यार्ड में परिवार संग रुके हुए थे। इनके बच्चे स्टेशन पर मोबाइल चुरा रहे थे।