नगर कोतवाली के एक गांव में महिला की नृशंस हत्या से आक्रोशित लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने सिटी रोड पर जाम लगा दिया। लगभग दो घंटे तक लोग सड़क पर ही बैठे रहे। बवाल की आशंका में पुलिस मुस्तैद रही। जनाजे को सुपुर्दे खाक करने के बाद पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली। घटना के बाद लोगों के आक्रोश को देखते हुए हरकत में आई पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया।
महिला अपने मायके के पास ही किराए के मकान में रहती थी। उसका बेटा बस पर कंडक्टर का काम करता है। शनिवार की देर रात उसको गांव के ही पांच लोगों ने दुष्कर्म का विरोध करने पर डंडे व लोहे की रॉड से जमकर पीटा था। उसे उपचार के लिए इलाहाबाद ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। रात में ही पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर गुड्डू पासी पुत्र रमाशंकर पासी, मगन पासी पुत्र सुखराम पासी, रोहित गौतम पुत्र प्रदीप गौतम, नागेंद्र उर्फ पुट्टी व पप्पू पासी पुत्र मटरू के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म का प्रयास, बलवा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गुड्डू पासी और रोहित गौतम को गिरफ्तार कर लिया। तीन अन्य लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
सोमवार को घटना को लेकर बड़ी संख्या में लोग मृतका के भाई के घर पर जुट गए। इसकी सूचना मिलने पर पूरा गांव पुलिस छावनी के रूप में तब्दील हो गया। एसडीएम और एडीएम भी गांव पहुंच गए। इस दौरान लोग मृतका के बेटे को सरकारी नौकरी, आवास के लिए जमीन का पट्टा, 20 लाख आर्थिक मदद, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस की मांग करने लगे। अधिकारियों ने जिला प्रशासन से मिलने वाली सहायता प्राथमिकता के आधार पर देने और शासन स्तर की मांगों को भेजने का भरोसा दिलाया।
हालांकि लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए और मौके पर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करते हुए सड़क पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। सुखपालनगर से शहर आने वाले रोड पर जाम लगा दिया। जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की भीड़ लगने लगी। करीब दो घंटे बाद अफसरों के आश्वासन के बाद लोग किसी तरह माने और जाम खत्म किया। जोहर की नमाज के बाद शव को सुपुर्दे खाक किया। जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
सदर विधायक भी पहुंचे, दिया कार्रवाई का भरोसा
महिला की नृशंस हत्या के बाद मांगों को लेकर आक्रोशित लोगों के जाम लगाने की खबर पर सदर विधायक संगमलाल गुप्ता मौके पर पहुंचे। धरने पर बैठे लोगों की विधायक ने बातें सुनी और निराकरण के लिए अधिकारियों से बात करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी मांगें पूरी होंगी।
फफक पड़ीं महिलाएं, बोली इंसाफ चाहिए
नृशंस हत्या के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं भी उसके मायके आ गई थीं। वह पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर आ गईं। इस बीच कुछ लोगों ने समझाने का प्रयास किए तो कहा हमें इंसाफ चाहिए। कब तक ऐसे जुल्म होता रहेगा। महिलाओं के आगे आने के बाद सकते में आई पुलिस ने महिला एसओ व सिपाहियों को घटनास्थल पर बुला लिया। हालांकि कुछ देर बाद महिलाएं सडक़ से हट गईं।
दो किमी छात्र-छात्राओं को जाना पड़ा पैदल
सिटी रोड पर आक्रोशित लोगों के सड़क पर उतरने से राहगीरों के साथ ही परीक्षा देने जा रहीं छात्राओं व छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। पीबी कॉलेज परीक्षा देने जा रहीं छात्राओं को लेकर जाने वाले टेंपो व ई-रिक्शा जाम में फंस गए। जिसके बाद उन लोगों को लगभग दो किमी पैदल जाना पड़ा। जाम के दौरान एंबुलेंस को रास्ता देेने के लिए प्रदर्शनकारी किनारे हो गए।
रास्ते में गिरा दी ईंट, लगाया बांस
मेन रोड पर जाम के चलते लोग दूसरे रास्ते से गुजर रहे थे। यह देख प्रदर्शन कर रहे युवकों ने ईंट के साथ ही बांस लगा दिया। जिससे बाइक सवार लोगों का रास्ता अवरुद्ध हो गया। इस बात की जानकारी होने पर कोतवाली व मानधाता पुलिस मौके पर पहुंची और ईंट व बांस हटाकर रास्ता बहाल कराया।
होते-होते बचा पुलिस से टकराव
सिटी रोड पर जाम लगाने वाले युवा नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने लगे। सड़क पर उतरी पुलिस पीछे हटते हुए मोबाइल में गतिविधि कैद करने लगी। जिसे लेकर हंगामा हो गया। सड़क जाम करने वालों को मृतका के परिवार के लोग समझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। नौबत पुलिस और युवाओं के बीच टकराव तक पहुंच गई। प्रभारी कोतवाल किनारे खड़ी फोर्स को बुलाने लगे। तभी सीओ सिटी की नजर पड़ी तो वह भागकर पहुंचे और प्रभारी कोतवाल को समझाकर शांत कराया। आगे की ओर बढ़ रही फोर्स को भी पीछे किया।
हर चेहरे पर दिखा आरोपियों की दबंगई का खौफ
घटना के बाद गांवों में नामजद आरोपियों के नाम की दहशत देखने को मिली। मृतका के मायके आसपास के लोग पहुंचे। आरोपियों की बात होते ही उनकी आंखों में खौफ तैरने लगता था। यहां तक कि पुलिस भी आरोपियों की दबंगई की बात से इनकार नहीं कर रही थी। हर वर्ग के लोगों का कहना था कि आरोपी दिनदहाड़े छिनैती, युवतियों व छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने के अलावा अवैध कारोबार करते हैं। पुलिस उनके घरों की ओर जाने का साहस तक नहीं करती।
सीएम को भेजा ज्ञापन, घटना से आक्रोश
दुष्कर्म का विरोध करने पर हत्या की घटना को लेकर लोगों ने दुख जताया है। इस मामले में मुख्यमंत्री समेत अधिकारियों को ज्ञापन भेजा गया। गांव पहुंचे तमाम संगठनों के लोगों नेे परिवार के लोगों को सांत्वना दी। जमीयत उल्माए हिंद के प्रांतीय महासचिव मौलाना अब्दुल हादी, मौलाना मुनीर अहमद, मौलाना अब्दुल्लाह, नसीम, मौलाना वकील अहमद ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली। अफसोस जताया। समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के जिला सचिव इरफान खान ने घटना की निंदा करते हुए तीन सूत्रीय मांग पत्र एडीएम को सौंपा। सामाजिक इंसाफ मोर्चा के पदाधिकारियों ने दुख जताते हुए घटना की निंदा की। कहा कि पुलिस बेगुनाहों पर जबरन जुल्म कर रही है। जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। संगठन के प्रांतीय सचिव उस्मान खां, रशीद बाबा, इब्राहीम, रकीब, हाफिज एजाज अहमद, जुनैद अहमद, रियाज अहमद, शहदुल, सरफरोज, अजय कुमार यादव ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। माइनॉरटीज वेलफेयर सोसायटी के जिलाध्यक्ष मौलाना ताजदार अहमद ने कहा कि छोटे मामलों में सख्त रुख अपनाने वाली पुलिस नृसंश घटना पर खामोश है। पुलिस का खौफ नही रह गया। परिवार के लोगों को आथक मदद व सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस उपलब्ध कराया जाए।