नवंबर में यातायात विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है, लेकिन सड़क हादसों में होने वाली मौतें उसकी सक्रियता की पोल खोल रही हैं। बीते एक साल के भीतर कुल 320 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा बैठे। इसमें 175 लोगों की मौत बाइक चलाते समय हेलमेट न पहनने से हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इन लोगों की मौत की वजह हेड इंजरी ही सामने आई।
लगातार हो रहे हादसों के बाद भी लोग बाज नहीं आ रहे हैं। बगैर हेलमेट बाइक पर ट्रिपलिंग की जा रही है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी 2016 से अब तक सड़क हादसों में घायल कुल 1879 लोगों को भर्ती किया गया। इनमें से 320 लोगों की मौत हो गई।
गौर करने वाली बात यह है कि 175 लोग बगैर हेलमेट तेज रफ्तार में सड़क पर फर्राटा भरते समय जान गंवा बैठे। हेलमेट न लगाने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। पोस्टर्माटम के दौरान भी हेड इंजरी की बात सामने आई। जिले में सिर्फ अक्तूबर माह में ही 20 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 14 हेड इंजरी के कारण काल के गाल में समा गए। एसपी माधव प्रसाद वर्मा कहते हैं पुलिस कार्रवाई करती है। मगर जब तक लोगों में जागरूकता नहीं आएगी तब तक वे हेलमेट नहीं लगाएंगे। हेलमेट लगाना
अनिवार्य है।