प्रदेश स्वास्थ्य राज्यमंत्री महेंद्र सिंह के जिले में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। दोपहर तक अस्पताल में मरीज चिकित्सकों के इंतजार में तड़पते रहते हैं। सरकारी कक्ष मेें ओपीडी के बजाए चिकित्सक अस्पताल परिसर के आवास में मनमानी फीस लेकर मरीजों का उपचार करते हैं। एसडीएम के निरीक्षण के बाद भी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जिलाधिकारी से लेकर विभागीय अफसरों का स्वास्थ्य कर्मियों में तनिक भी खौफ नहीं रह गया है।
जिले के सांगीपुर सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बदहाल हैं। शुक्रवार को सुबह 11 बजे तक सांगीपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अभिषेक सिंह के कक्ष की कुर्सी खाली मिली। ओपीडी के लिए उनके कक्ष के सामने कई मरीज घंटों से परेशान थे। मरीजों व तीमारदारों ने बताया कि अधीक्षक 11 बजे तक अस्पताल परिसर स्थित आवास में फीस लेकर मरीज देखते हैं। उसके बाद ही ओपीडी के लिए अपने सरकारी कक्ष में पहुंचते हैं। इसकी हकीकत खंगाली गई तो मालूम हुआ कि आवास के अंदर वह मरीज देख रहे हैं।
आवास के अंदर जाने का प्रयास किया गया तो बाहर बैठे दलालों ने कहा कि साहब व्यस्त हैं, थोड़ी देर में अस्पताल में मिलेंगे। तभी अधीक्षक के आवास से मोहनलाल कोरी नाम का मरीज निकला। उसने बताया कि तबियत अधिक खराब होने पर वह अस्पताल पहुंचा, लेकिन ओपीडी में चिकित्सक के मौजूद नहीं होने पर पचास रुपये देकर दिखा दिया। दोपहर साढ़े ग्यारह बजे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती भोजपुर निवासी माधुरी देवी पत्नी राम सिंह समेत अन्य मरीजों ने बताया कि बेड पर बिना बेडशीट के सुबह आठ बजे से वह चिकित्सकों के इंतजार में तड़प रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई झांकने तक नहीं आया। बिजली के अभाव में मरीज यहां दोपहर तक परेशान दिखाई दिए।
अन्य चिकित्सकों के कक्ष भी खाली मिले। पूछने पर बताया कि गया कि कोई फील्ड में है तो कोई ट्रेनिंग पर गया है। अस्पताल में जितने भी मरीज मिले उन सभी में स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही के प्रति आक्रोश दिखाई दिया। शिकायत मिलने पर गुरुवार को उपजिलाधिकारी लालगंज महेंद्र कुमार अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान एसडीएम से मरीजों ने चिकित्सकों, फार्मासिस्ट व लैब टेक्नीशियन पर धनउगाही का आरोप लगाया था। चिकित्सक समेत आधा दर्जन कर्मचारी भी नदारद मिले थे। इसके बाद भी डाक्टर सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं।
अधीक्षक समेत स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी की शिकायत मिली है। एसडीएम लालगंज के निरीक्षण में भी तमाम खामियां सामने आई हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों को दंडित किया जाएगा। शिकायतों की जांच अलग से विभागीय टीम द्वारा भी कराई जाएगी।
डॉ. एके श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी।