शहर के सदर बाजार में बिजली का तार जोड़ते समय संविदाकर्मी लाइनमैन की गिरने से मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों संग पब्लिक शव लेकर विद्युत उपकेंद्र बाबागंज पहुंचे। लोगों की भीड़ देख अफसर से लेकर कर्मचारी तक ताला बंद कर भाग निकले। बवाल की खबर पर पहुंची पुलिस ने लोगों को किसी तरह शांत कराया। मृतक लाइनमैन की पत्नी के नाम से पांच लाख का चेक मिलने के बाद पब्लिक शांत हुई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नगर कोतवाली के पूर्वी सहोदरपुर निवासी महफूज अहमद उर्फ बब्बू (45) बाबागंज विद्यु़त उपकेंद्र पर सात साल से संविदाकर्मी लाइनमैन था। गुुरुवार को भी वह अपनी ड्यूटी पर विद्युत उपकेंद्र आया था। इस बीच सदर बाजार में कट रहे पेड़ से हाईटेंशन लाइन का तार टूटने की शिकायत मिली। वह तार की मरम्मत करने के लिए सदर बाजार पहुंचा। वह बिजली के पोल पर चढ़कर तार जोड़ने लगा। अचानक महफूज जिस तार पर पैर रखा था वह टूट गया और वह नीचे गिर पड़ा। गंभीर रूप से घायल लाइनमैन को लोग लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देख इलाहाबाद रेफर कर दिया। वहां ले जाने के दौरान रास्ते में उसकी सांसें थम गईं। यह देख परिजन रोने-बिलखने लगे। वे शव लेकर घर लौटे। मामले की जानकारी के बाद मोहल्ले के लोग भी भंगवाचुंगी पहुंच गए। बिजली विभाग की मदद न मिलने से आक्रोशित पब्लिक शव लेकर बाबागंज विद्युत उपकेंद्र पहुंची। लोग बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। अनहोनी की आशंका से भयभीत बिजली विभाग के अफसर से लेकर कर्मचारी तक कार्यालय में ताला बंद कर भाग निकले। इससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा। वे हंगामा करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। बवाल की खबर मिलने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। एसडीएम सदर ने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर मृतक की पत्नी के नाम से पांच लाख का चेक दिलाने का भरोसा दिया, लेकिन पब्लिक इस जिद पर अड़ी रही कि जब तक चेक नहीं मिल जाता। तब तक शव बिजली उपकेंद्र से नहीं हटेगा। करीब पौने सात बजे एक्सईएन द्वितीय ओपी मिश्रा पांच लाख का चेक लेकर बाबागंज पहुंचे। उन्होंने मृतक लाइनमैन की पत्नी को पांच लाख का चेक सौंपा। जिसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
संविदाकर्मी लाइनमैन महफूज अहमद उर्फ बब्बू के मौत की खबर के बाद जेई से लेकर एक्सईएन तक ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। जिसके चलते मृतक के परिजनों के अलावा पुलिस भी अधिकारियों से बात करने में परेशान रही। किसी का मोबाइल नाट रिचेबल तो किसी का स्वीच आफ बताता रहा। यहां तक पावरहाउस पर तैनात एसएसओ भी लाइनमैनों के साथ गायब हो गया था।