जिले में लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। समाज में बढ़ते अपराध रोकने के लिए फिर से एस-7 और एस-10 टीम का गठन किया जाएगा। इसके लिए पुलिस महानिदेशक ने पत्र जारी किया है। पूर्व में इन कमेटियों ने अपराध रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। अवैध शराब के कारोबार के साथ ही असलहों के सौदागरों को दबोचने में पुलिस टीमें कामयाब हुई थीं। अब फिर से कमेटियों के गठन की तैयारी थानेदारों को करने का आदेश दिया गया है। एसपी के टच में रहने वाले पुलिसमित्र क्षेत्र में होने वाले अपराधों की हकीकत के साथ ही घटना की सच्चाई से पुलिस महकमे को अवगत कराएंगे।
पूर्व में शासन ने बढ़ते अपराध और आए दिन होने वाले बवाल पर अंकुश लगाने के लिए जिले में भर में एस-7 और एस-10 टीम का गठन किया था। पूरे जनपद में 17 हजार पुलिसमित्र बनाए गए थे, जिनमे हर गांव में एस-7 के नाम से सात-सात पुलिसमित्र और मिलीजुली आबादी वाले क्षेत्रों में पांच हिन्दू व मुस्लिम पुलिसमित्र बनाए गए थे। इनका काम पुलिस से कोआर्डिनेट करते हुए गांव के झगड़ों को सही सूचना के साथ उन्हें निपटाना और मिलेजुले क्षेत्र में किसी भी प्रकार के बवाल की सालिज को नाकाम करने में इनकी अहम भूमिका होती थी। क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों सहित सीधे एसपी से संपर्क होने के कारण अपराध और छोटी घटनाओं को लेकर संभावित बवाल पर अंकुश लगता ही था। इसके अलावा फर्जी रिपोर्ट दर्ज होना भी बंद हो गई थी। सरकार बदली तो एस-7 और एस-10 टीम भी खत्म हो गई। अब फिर बढ़ते अपराधों की रोकथाम और बवाल को रोकने के लिए एस-7 और एस-10 टीम की पुलिस विभाग को याद आई है। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को थाना स्तर पर पुलिसमित्र बनाने का निर्देश दिया है ताकि पुलिसमित्रों की बदौलत अपराधों की रोकथाम के साथ ही अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की जा सके। ऐसे में यदि यह फार्मूला लागू होता है तो रंजिश में होने वाली फर्जी एफआईआर पर अंकुश लगेगा और बवाल के साथ ही अवैध कारोबार पर अंकुश भी लगने की संभावना है।
क्या है एस-7 और एस-10
प्रतापगढ़। जिले में पुलिस अफसरों द्वारा बनाए जाने वाले एस-7 और एस-10 पुलिसमित्र हर गांव में रहेंगे। एस-7 के नाम से सात-सात पुलिसमित्र और मिलीजुली आबादी वाले क्षेत्रों में पांच हिन्दू व मुस्लिम पुलिसमित्र बनाए जाएंगे। इनका काम पुलिस से कोआर्डिनेट करते हुए गांव के झगड़ों को सही सूचना के साथ उन्हें निपटाना होगा। अपराधियों की सटीक सूचना के साथ ही अवैध कारोबार की खबर पुलिस अधिकारियों को देना है।
जिले में नए सिरे एस-7 और एस-10 टीम गठित करने के लिए सभी थानेदारों को निर्देश जारी किया गया है। साफ सुथरी छवि के लोगों के साथ ही हर वर्ग के लोग पुलिसमित्र बनाए जाएंगे ताकि घटना के बाद सच्चाई का पता चल सके।
राकेश कुमार सिंह, एएसपी पूर्वी।