जिला जेल की मुलाहजा बैरक में गुरुवार रात लड़की के अपहरण के आरोपी का पैर तोड़ने की घटना किसी तरह पचाने में सफल जेल प्रशासन के सामने शनिवार सुबह एक और मुश्किल खड़ी हो गई। बैरक नंबर 9 में बंद हत्यारोपी गिरजाशंकर पांडेय (50) पर बंदियाें ने हमला कर दिया। इससे उसका हाथ कंधे से उखड़ गया। जिला अस्पताल में उसका इलाज कराने के बाद अधिकारी उसे लेकर जेल वापस लौट गए। मारपीट की घटना दोबारा होने के बाद जेल प्रशासन इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
कंधई थाना क्षेत्र का बसीरपुर गांव निवासी गिरजा शंकर एक हत्या के मामले में काफी दिनों से जेल में बंद है। सूत्राें के अनुसार शनिवार सुबह उसका कुछ बंदियों से विवाद हो गया। बंदियों ने उस पर हमला कर जमकर पीटा। इससे उसके बायां हाथ कंधे से उखड़ गया। उसे आनन फानन में जिला अस्पताल लाया गया लेकिन हालत गंभीर होने के बाद भी जेल अधिकारी उसे लेकर लौट गए।
सूत्रों के अनुसार जेल से अस्पताल ले आने के दौरान उसे हमले की बाबत मुंह न खोलने की धमकी दी गई। कहा गया कि अगर उसने मुंह खोला तो लोग उसकी हत्या कर देंगे। अगर हादसा बताया तो उसे जेल के भीतर सभी सहूलियत दी जाएंगी।
जेल प्रभ्ाारी एके श्रीवास्तव ने बताया ‘सुबह नल के पास भीड़ अधिक थी। पानी गिरने के कारण वहां फिसलन हो गई थी। ऐसे में बंदी वहां गिरकर घायल हो गया।’
वहीं डाॉ पीएस मिश्र ने बताया कि ‘बंदी का हाथ कंधे से उखड़ गया था। उसको प्लास्टर चढ़ाया गया है। ऐसी चोट मारपीट से भी आ सकती है और गिरने से भी।’