ईंट-भट्ठा संचालक राजेश सिंह उर्फ धुनकी सिंह के हत्यारोपी के घर पुलिस ने कुर्की का नोटिस चस्पा किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। मंगलवार को घटना से आक्रोशित ग्रामीण किसी तरह माने और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। बवाल की आशंका में गांव में कई थानों की पुलिस तैनाती रही।
कधंई थाना क्षेत्र के नौहर हुसैनपुर निवासी ईंट भट्ठा मालिक राजेश सिंह उर्फ धुनकी सिंह को पत्नी के साथ बाबाबेलखरनाथ धाम दर्शन करने जाते समय तीन नकाबपोश बदमाशों ने गोली मार दी थी। 2 अप्रैल को धुनकी सिंह की सांसें थम गईं। मौत की सूचना मिलने पर लोगों का मजमा लग गया। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव घर पहुंचा। मंगलवार की सुबह बवाल की आशंका को देखते हुए कंधई, नगर कोतवाली, पट्टी पुलिस मौके पर मुस्तैद रही। एसडीएम पट्टी जेपी मिश्र व सीओ पट्टी रवि सिंह भी मौजूद रहे।
गम व गुबार के बीच ग्रामीण परिवारीजनों के समझाने पर शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हुए। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। परिवार के लोगों को सीओ रवि सिंह ने बताया कि ईंट भट्ठे के पार्टनर शमीम निवासी बुढ़ौरा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उसके घर पर 82 के तहत कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा किया गया है। चिन्हित आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि किसान बीमा के तहत मिलने वाली मदद के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। परिवार को सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस जारी किया जाएगा।
दो दिन की ग्रामीणों ने दी है मोहलत
ईंट भट्ठा मालिक धुनकी सिंह के साथ बुढ़ौरा निवासी शमीम पार्टनर था। करीब एक साल पहले दोनों के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद दोनों अलग हो गए। परिवार के लोगों को शक है कि शमीम ने ही रुपये के विवाद में धुनकी सिंह की हत्या कराई है। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को दो दिन की मोहलत देते हुए कहा कि यदि गिरफ्तारी न हुई तो वे लोग आर-पार की लड़ाई को विवश होंगे।
विरोध में बंद रहा रखहा बाजार
ईंट भट्ठा संचालक राजेश सिंह उर्फ धुनकी सिंह की गोली मारने वालों की डेढ़ माह बाद भी गिरफ्तारी न होने से लोगों में आक्रोश है। धुनकी सिंह की मौत की खबर पर लोग गमगीन थे। घटना के विरोध में मंगलवार की सुबह से ही रखहा बाजार बंद रहा। दोपहर तक दुकानें बंद रखकर लोगों ने विरोध जताया। इस घटना से हर कोई दुखी नजर आया। इस मौके पर पंकज जायसवाल रामप्रताप सिंह, दुर्गा प्रसाद सोनी, श्रीराम ओझा डा. अनवर अहमद, मुख्तार अहमद, बसंतलाल जायसवाल, अशोक कुमार गुप्ता, शंकरलाल समेत सभी व्यापारियों ने पुलिस के रवैए पर नाराजगी जताई।