रामपुर में बने आसरा आवास, इनकी खूबसूरती के पीछे छिपा है गुणवत्ता और मानकों से खिलवाड़ का राज।
अफसरों और कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते आवास आवंटन में जमकर मनमानी की जा रही है। आलम यह है कि चहेतों से मोटी रकम लेकर उन्हीं लाभार्थियों को दोबारा आवास दे दिया गया है, जिन्हें पूर्व में आवास मिल चुका था।
सदर विकास खंड के पूरेमाधव सिंह ग्राम पंचायत में आवास आवंटन में व्यापक पैमाने पर अनियमितता की गई है। ग्राम पंचायत अधिकारी ने एक या दो नहीं, बल्कि चार-चार लोगों को दोबारा आवास दे दिया है। एक बार पत्नी और दूसरी बार पति के नाम आवास देकर कर्मचारियों ने अपना बचाव किया है। सोना पत्नी अशोक कुमार को पहली बार आवास देने के बाद दूसरी बार अशोक पुत्र बुधई के नाम दे दिया गया है।
नयका पत्नी महावीर के नाम पहली बार और दूसरी बार महावीर पुत्र भैयाराम के नाम आवास दिया गया है। राम प्रसाद पुत्र शंकर और मनीष पुत्र भगेलू के नाम दो-दो आवास दे दिया गया है। गांव के ही लाल प्रताप सिंह ने डीएम को तहरीर देकर पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।