बहराइच में गिट्टी उतारने के बाद खाली ट्रक लेकर इलाहाबाद जा रहे चालक व खलासी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने दोनों के सिर व चेहरे को ईंट-पत्थर से कूंच दिया था। ट्रक के केबिन में ही दोनों को बांधा गया था। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश लालगंज कोतवाली के मिश्रपुर में हाईवे पर ट्रक खड़ाकर भाग निकले। सूचना मिलने पर एसपी दलबल के साथ पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस को जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
नगर कोतवाली के आजाद नगर निवासी इस्लामुद्दीन पुत्र सुल्तान अहमद का ट्रक कंधई थाना क्षेत्र के करनपुर खूझी शीतलागंज निवासी इकरार अहमद (35) पुत्र इद्रीश चलाता था। ट्रक पर इकरार का भांजा मुजीब (18) पुत्र नसीम उर्फ मंगरू क्लीनर था। मंगलवार को बहराइच में गिट्टी उतारने के बाद ट्रक लेकर इकरार इलाहाबाद के लिए निकल पड़ा। रात करीब 11.30 बजे मालिक इस्लामुद्दीन से उसकी फोन पर बातचीत हुई। इकरार ने ट्रक कोहड़ौर मेें होने की बात बताई थी।
बुधवार दोपहर ट्रक लालगंज कोतवाली क्षेत्र के मिश्रपुर में लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर खड़ा मिला। सुबह से ट्रक चालक इकरार से बात न होने के कारण मालिक इस्लामुद्दीन तलाश में जुटा था। तभी उसे मिश्रपुर में ट्रक खड़ा होने की जानकारी मिली। वह भागकर ट्रक के पास पहुंचा। ट्रक का केबिन खोलकर देखा तो सन्न रह गया। उसमें चालक और खलासी का रक्तरंजित शव पड़ा था। उसने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। डबल मर्डर की खबर मिलते ही लालगंज पुलिस भागकर मौके पर पहुंची।
कुछ ही देर में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह और एएसपी पूर्वी राकेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। छानबीन के दौरान केबिन में 315 बोर तमंचे के खोखे मिले। खून से सना ईंट पत्थर का टुकड़ा भी मिला। दोनों के शव केबिन की सीट पर बांधे हुए थे। सूचना मिलने पर मृतक के परिवारीजन मौके पर पहुंचे। उनकी ट्रक मालिक से तकरार होने लगी। पुलिस ने ट्रक मालिक को हिरासत में ले लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद ट्रक भी कब्जे में ले लिया। इस मामले में ट्रक मालिक इस्लामुद्दीन ने पुलिस को तहरीर दी है।
अभी चालक व खलासी की हत्या की वजह स्पष्ट नहीं है। छानबीन की जा रही है। चालक व खलासी के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। लूट के लिए हत्या नहीं की गई है। ट्रक के केबिन में मोबाइल व पर्स भी मिला है।
संतोष कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक।
भोर में हुआ मामा-भांजे का कत्ल
ट्रक चालक व खलासी मामा-भांजे की हत्या किसी राज के खुलने के भय या फिर लेनदेन को लेकर करने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस भी इसी दिशा में जांच कर रही है। भोर में तीन बजे के बाद दोनों का कत्ल किया गया है। छानबीन में यह बात सामने आई है कि चालक के मोबाइल पर तीन बजे तक दूसरे चालकों से बातचीत होती रही।
कंधई थाना क्षेत्र के करनपुर खूझी शीतलागंज निवासी इकरार कई साल से इस्लामुद्दीन का ट्रक चलाता था। मंगलवार को बहराइच में गिट्टी उतारने के बाद इलाहाबाद के लिए निकला था। उसके आगे पीछे चार ट्रक और भी थे। सुलतानपुर पहुंचने के बाद सभी अलग-अलग हो गए। पुलिस सूत्रों की मानें तो सुलतानपुर से ही 4 लोग इकरार के ट्रक पर सवार हो गए थे।
रात करीब 11.30 बजे ट्रक मालिक से बात हुई तो पता चला कि वह छीड़ा तक पहुंचा है। रात करीब तीन बजे तक चालक के मोबाइल से परिवार व दूसरे ट्रक चालकों से बातचीत होती रही। केबिन में मिले मोबाइल की काल डिटेल से इसकी जानकारी हुई।
भोर में उनका कत्ल किया गया। पुलिस इस बात की आशंका जता रही है कि रुपये के लेनदेन या फिर कोई राज जानने के कारण दोनों की हत्या की गई। कोहड़ौर थाना व नगर कोतवाली के बीच दोनों को बदमाशों ने बंधक बना लिया। इसके बाद उन्हें लेकर इधर-उधर भटकते रहे। हत्या करने के बाद ट्रक को लालगंज कोतवाली के मिश्रपुर में छोडक़र भाग निकले। पुलिस मोबाइल की काल डिटेल के सहारे हत्यारों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
खुलासे के लिए तीन टीमें गठित
चालक व खलासी की हत्या का राज खोलने के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने तीन टीमें गठित की हैं। एक सीओ लालगंज की अगुवाई में काम करेगी, दूसरी टीम लालगंज कोतवाल, तीसरी क्राइम ब्रांच व स्वाट टीम घटना का अनावरण करने के लिए साक्ष्य संकलित करेंगी। मोबाइल सार्विलांस प्रभारी को भी लगाया गया है।
फील्ड यूनिट की टीम ने कैद की तस्वीरें
डबल मर्डर की खबर के बाद पुलिस लाइन से फील्ड यूनिट की टीम भी बुलाई गई। ताकि हर बिंदुओं की गहराई से छानबीन की जा सके। क्राइम ब्रांच की टीम के अलावा फील्ड यूनिट की टीम कैमरे व मोबाइल में घटनास्थल को कैद करती रही। घटना को लेकर क्लू खंगालने में स्वाट टीम माथापच्ची करती रही।
ट्रक खड़ा करने के बाद रुकी थी कार
लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर लालगंज कोतवाली के मिश्रपुर में ट्रक खड़ा करने के बाद कुछ देर तक कोई नीचे नहीं भतरा। आसपास के लोगों ने समझा कि कुछ खराबी आ गई होगी। प्रत्यक्षदशयों की मानें तो कुछ देर बाद एक कार आकर रुकी। चालक की ओर से उतरा बदमाश कार में बैठकर फरार हो गया। उसे कोई देख भी न सका। शंका होने पर लोग पहुंचे तो केबिन से दुर्गंध आ रहा था। जिसके बाद लोग एकत्र होने लगे थे। तभी ट्रक खोजते हुए मालिक पहुंच गया।
लालगंज कोतवाली में डटे पुलिस अफसर
डबल मर्डर की खबर के बाद पुलिस विभाग में हडक़ंप मचा रहा। लालगंज कोतवाली में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह के साथ एएसपी राकेश कुमार सिंह मौजूद थे। कुछ देर बाद वहां कुंडा व पट्टी सीओ भी पहुंच गए। चूंकि लालगंज सीओ बाहर थे। इसलिए दूसरी सर्किल के सीओ घटना के तमाम बिंदुओं को खंगालते रहे।
डबल मर्डर : लालगंज से कंधई तक कोहराम
डबल मर्डर की खबर से जिले में सनसनी फैल गई। मामा-भांजे की हत्या के बाद लालगंज से लेकर कंधई तक कोहराम मचा रहा। परिजन रोते बिलखते बेहोश हो जा रहे थे। चार दिन पहले मृतक चालक घर से निकला था। कुछ संदिग्ध लोगों के गांव में कई दिनों से घूमने की भी चर्चाएं होती रहीं।
कंधई थाना क्षेत्र के करनपुर खूझी शीतलागंज निवासी इकरार कई साल से आजाद नगर नािवासी इस्लामुद्दीन का ट्रक चलाता था। उसने 6 माह पहले अपने भांजे मुजीब निवासी खमपुर थाना कंधई को भी साथ ले लिया। वह खलासी का काम करता था। दोनों की हत्या की खबर दोपहर करीब दो बजे घर पहुंची तो कोहराम मच गया। आनन-फानन में परिजन रोते-बिलखते घटनास्थल की ओर भागे। घर पर महिलाएं बिलखती रहीं। डबल मर्डर की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिले में सनसनी फैल गई। मिश्रपुर में रिश्तेदारों के साथ परिवार के लोग पहुंचे। शव देखते ही लोग रोने बिलखने लगे। चर्चाओं पर यकीन करें तो चार पांच दिनों से इकरार के घर के आसपास आधा दर्जन संदिग्ध लोग घूम रहे थे। चार दिन पहले ही इकरार गेहूं की मड़ाई कराने के बाद मां को दवा दिलाकर अपने काम पर गया था। मंगलवार की रात भी इकरार व मुजीब ने परिवार के लोगों से बातचीत की थी। इकरार के सरल स्वभाव के कारण गांव के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।