बहू की मौत का सदमा सास को कुछ ऐसा लगा कि उसकी तबीयत खराब हो गई। कुछ ही घंटों बाद उसने भी दम तोड़ दिया। अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। रविवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
बाघराय थाना क्षेत्र के तारापुर कंदई गांव निवासी ओम प्रकाश गौतम खेती करता है। उसके छह बच्चे हैं( जिसमें पांच बेटियां लक्ष्मी (17), किरन (15), सीमा (13), काजल (10), आंचल (8) व एक पुत्र सूरज (4) है। करीब 15 दिन पहले उसकी पत्नी अनीता देवी (46) को लकवा मार गया। इसकी जानकारी होने पर उसने आसपास के चिकित्सकों से इलाज कराया, लेकिन कुछ आराम नहीं हुआ। इस पर उसने उसे इलाहाबाद के एक नर्सिंगहोम में ले जाकर भर्ती कराया।
शनिवार दोपहर बाद अनीता की मौत हो गई। ओमप्रकाश ने इसकी सूचना घर पर रह रही अपनी मां गुड़िया देवी (70) पत्नी स्व.महरानी दीन को दी। इस पर उसकी मां की तबीयत खराब हो गई। रात करीब आठ बजे वह पत्नी का शव लेकर घर पहुंचा तो उसकी मां की तबीयत और बिगड़ गई। वह उन्हें लेकर सीएचसी जा रहा था कि रास्ते में उनकी भी मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि ओमप्रकाश अपने मां-बाप की इकलौती संतान था। उसके इतने बच्चे और उनके लालन-पालन की समस्या को समझते हुए उसकी मां सदमे में थी। फिलहाल दोनों की मौत से घर में चीखपुकार मची हुई है। रविवार को दोनों का अंतिम संस्कार श्रृंगवेरपुर घाट पर किया गया।