शहर के एमडीपीजी कॉलेज में शुक्रवार दोपहर शिक्षक ने शिक्षिका के साथ अभद्रता की। इसे लेकर शिक्षकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। मामला मारपीट तक पहुंच गया। किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया गया। मामला बाहर न जाने पाए, इसका भी प्रयास किया गया। हालांकि झगड़े की एक वीडियो क्लिप वायरल होने से हड़कंप मच गया।
एमडीपीजी कॉलेज के कक्ष संख्या एक में शुक्रवार को नैक(नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडिएशन काउंसिल) की मीटिंग चल रही थी।
मीटिंग के दौरान एक शिक्षिका ने अपनी बात रखते हुए साथी शिक्षक से सुझाव मांगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुुुुुझाव देने के बजाय शिक्षक उल्टे शिक्षिका पर ही बरस पड़े। उनसे अभद्रतापूर्वक बातें करने लगे। शिक्षक की बातें मीटिंग में बैठे शिक्षक संघ के एक नेता को नागवार गुजरीं तो विरोध करने लगे। मामला बढ़ा तो दूसरे खेमे के कुछ शिक्षक अकेले पड़ रहे शिक्षक की तरफदारी करने लगे। ये देख दूसरी ओर से भी शिखक विरोध करने लगे और बात बढ़ गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान शिक्षकों के दोनों गुटों की तरफ से मीटिंग में वो बातें कही गईं, जो लिखी तक नहीं जा सकती। दोनो गुटों की तरफ से एक दूसरे को देख लेने की धमकी भी दी गई। ये तब हुआ जब मीटिंग में कॉलेज के प्राचार्य भी मौजूद थे। मामला मारपीट तक पहुंच गया, लेकिन बाकी शिक्षकों ने दोनों गुटाें को समझाकर विवाद शांत कराया। हंगामा शांत होने के बाद फिर से नैक की मीटिंग शुरू हुई। अभद्रता से आहत शिक्षिका ने शिक्षक के खिलाफ प्राचार्य से लिखित शिकायत की है। झगड़े के दौरान कक्ष में पहुंचे कुछ छात्रों ने वीडियो क्लिप बनाकर वायरल कर दिया। इस बारे में कॉलेज के जनसूचना अधिकारी डॉ. छवि नारायण पांडेय ने बताया कि नैक की मीटिंग के दौरान एक शिक्षक और शिक्षिका तेज आवाज में बोल रहे थे। प्राचार्य ने उनको धीरे बोलने के लिये कहा था। लिखित शिकायत जैसी कोई बात नहीं है।