महिला प्रकोष्ठ में समझौते के बाद ससुराल पहुंची विवाहिता को सोमवार की रात जला दिया गया। ग्रामीणों के सहयोग से परिजन उसे अस्पताल ले गए। नब्बे फीसदी झुलसी महिला की हालत गंभीर देख ससुरालीजन जिला अस्पताल से भाग निकले। सूचना पर पहुंचे मायके वाले उसे इलाहाबाद ले गए। पीड़िता का बयान लेने के लिए महिला पुलिस को भेजा गया है।
कोहंड़ौर थाना क्षेत्र के बरौली निवासी संदीप दुबे उर्फ पिंटू की शादी करीब नौ वर्ष पहले रानीगंज थाना क्षेत्र के लपकन निवासी विनय कुमार की बहन बीनू (29) के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों तक सबकुछ ठीक रहा। बाद में पति-पत्नी के रिश्ते में दरार आ गई। इसे लेकर घर में कलह मची रहती थी। परेशान बीनू अपने मायके चली गई। रिश्तेदारों की पंचायत में भी बात नहीं बनी। इससे परेशान बीनू के परिजनों ने महिला प्रकोष्ठ का दरवाजा खटखटाया। यहां एक सप्ताह पहले पति-पत्नी के बीच समझौता हो गया। सोमवार दोपहर बीनू अकेले ही अपने ससुराल पहुंच गई। रात में अचानक उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग जग गए। संदीप के घर की ओर दौड़े तो बीनू आग की लपटों से घिरी थी।
लोगों के सहयोग से परिवार के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक वह नब्बे फीसदी जल चुकी थी। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देख इलाहाबाद रेफर कर दिया। मौका पाकर ससुरालीजन अस्पताल से खिसक लिए। इस दौरान खबर मिलने पर मायके वाले अस्पताल पहुंचे और बीनू को इलाहाबाद ले गए। घटना की जानकारी मिलने पर एसओ राजकिशोर ने दरोगा के साथ महिला पुलिस को पीड़िता का बयान लेने के लिए इलाहाबाद भेज दिया। उन्होंने बताया कि महिला को जलाने की बात ग्रामीण बता रहे हैं, लेकिन पीड़िता के बयान के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।