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बंगाल में हिंदुओं पर अत्याचार के लिए ममता जिम्मेदार

Sat, 31 Mar 2018 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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सभा में मौजू गिरिराज सिंह और शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने पं. बंगाल में हो रही हिंसा के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बंगाल की सीएम बांग्लादेशी घुसपैठियों की मदद कर रही है और रामभक्त हिंदुओं पर लाठियां बरसा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार रहेगी, तब तक हिंदुओं को न्याय मिलने वाला नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें भारत की नहीं, इटली की गरीबी दिखती है। अगर उन्होंने भारत की गरीबी देखी होती तो कांग्रेस के 70 सालों के शासनकाल में देश की यह दशा न होती।
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रानीगंज के अधारगंज स्थित कौलापुर नंदपट्टी में सामान्य सुविधा केंद्र का उद्घाटन करने आए सूक्ष्म लघु, मध्यम उद्यम मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह के निशाने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रहीं। विकास की बात से अपना संबोधन प्रारंभ करने वाले राज्यमंत्री नेे राहुल गांधी पर जमकर शब्दबाण छोड़े। कहा कि जो व्यक्ति रानी के घर पैदा हुआ है, उसे गरीब किसान के दर्द का एहसास कैसे होगा।

जनेऊ पहनकर मंदिर में जाने, केरल में गोमांस बांटने और कर्नाटक में लिंगायत समुदाय को हिंदुओं से अलग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल सिर्फ देश के लोगों को बांटना चाहते हैं। मुझे लगता है यह साजिश के तहत देश को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, मगर जब तक मोदी के हाथ में भारत है, कोई भी कुछ नहीं कर पाएगा। राहुल के साथ-साथ उन्होंने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को भी आड़े हाथों लिया। कहा कि जब तक ममता बनर्जी रहेंगी, तब तक हिंदुओं को न्याय मिलने वाला नहीं है।
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उन्होंने कहा कि बंग्लादेशी घुसपैठियों की मदद में उतरीं ममता बनर्जी रामभक्तों पर लाठियां बरसा रही हैं। उन्होंने कहा कि अंबेडकर समाज के पुरोधा थे और रहेंगे। राम सभी के प्रेरणादायक हैं। अगर अंबेडकर के नाम के साथ राम का नाम जोड़ा गया है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

सोलर चरखे से पांच करोड़ लोगों को देंगे रोजगार
 सूक्ष्म लघु, मध्यम उद्यम मंत्रालय के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने कहा है कि सोलर चरखे से देश के पांच करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चरखे के माध्यम से घर बैठी महिलाएं दस हजार रुपये महीने तक कमा सकेंगी। किसानों की आय बढ़ाने के टिप्स देते हुए कहा कि वर्ष 2022 तक पचास प्रतिशत खेती जैविक उर्वरक पर आधारित होगी।

रानीगंज के कौलापुरनंदपट्टी में सामान्य सुविधा केंद्र का उद्घाटन करने के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि गांव के लोगों का पलायन रोकने के लिए लघु और मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खादी को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को हाथ से चरखा नहीं चलाना होगा, बल्कि अब सोलर चरखा से सूत की कताई कर महिलाएं दस हजार रुपये प्रति माह कमा सकेंगी। उन्होंने कहा कि इससे देश के पांच करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। बिहार और उत्तर प्रदेश में अधिक उद्यमी होने की बात करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मंशा है कि वर्ष 2022 तक देश में पचास प्रतिशत खेती जैविक उर्वरक पर आधारित हो।

सामान्य सुविधा केंद्र में क्षेत्र के हजारों नवयुवकों को रोजगार मिलने की बात कही है। मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह ने कहा कि गांधी के बाद खादी को अगर किसी ने बढ़ावा देने का कार्य किया है, तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों का सपना साकार करना भाजपा का उद्देश्य है। भाजपा अधिक से अधिक नवयुवकों को रोजगार देना चाहती है। बैंकिंग अधिकारियों का आह्वान किया कि जो व्यवसाई उद्योग लगाना चाहते हैं, उन्हीं लोगों को ऋण दें।

शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने उपस्थित जनसमूह में राम नाम का ओज भरा। आयोजक अभिषेक पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन प्रो. रामनारायण त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर मछली शहर सांसद रामचरित्र निषाद, संजय शर्मा विधायक अनूपशहर, धीरज ओझा रानीगंज विधायक, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय विधायक चित्रकूट, डॉ. दिनेश सिंह, जय प्रकाश तोमर, प्रीता वर्मा, डॉ. नेपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

केंद्रीय राज्यमंत्री ने महिलाओं को बांटा दो करोड़ का ऋण
केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने गांव की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए दो करोड़ रुपये का ऋण बांटा। सुशीला, रीता, कामता देवी, मिथिलेश, अपशानाबेगम, राकेश कुमार और प्रमोद कुमार को ऋण स्वीकृति का प्रमाणपत्र दिया। सेंट्रल बैंक ने इन स्वरोजगारियों को व्यवसाय करने के लिए मदद दी है।
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