रानीगंज के सिपाही की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी शातिर इरशाद को एसटीएफ व क्राइम ब्रांच ने मिलकर धर दबोचा। एसटीएफ उसे गजेहड़ा जंगल से गिरफ्तार करने का दावा कर रही है, पर अंदरखाने में हल्ला इस बात का है कि पुलिस ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया है। उसकी तलाश में पूरे प्रदेश की पुलिस लगी हुई थी।
रानीगंज थाने में तैनात सिपाही राजकुमार सिंह की बुढ़ौरा गांव में 8 अप्रैल को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजकुमार के साथ मौजूद उसका साथी राजेंद्र अपनी जान बचाने के लिए भाग निकला था। घटना को अंजाम देने के बाद शातिर इरशाद फरार चल रहा था। कई दिनों तक गजेहड़ा जंगल के साथ ही पुरैला गांव में जिले की पुलिस डेरा डाले रही। आरोपी इरशाद की बाइक बरामद हो गई, लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं लगा।
उसकी तलाश में पूरे प्रदेश की पुलिस के साथ ही एसटीएफ को लगाया गया था। पुलिस सूत्रों की मानें तो उसकी लोकेशन मुंबई में मिली थी। जिसके बाद एसटीएफ व क्राइम ब्रांच उसे खोजते हुए मुंबई पहुंच गई। आखिरकार कई दिनों की मेहनत के बाद 26 अप्रैल को एसटीएफ ने उसे वसई से धर दबोचा। इसके बाद उसे लेकर वहां से चल पड़ी। एसटीएफ के दरोगा अतुल सिंह ने बताया कि सिपाही के हत्यारोपी शातिर बदमाश इरशाद को मुंबई से नहीं बल्कि मानधाता थाना क्षेत्र के गजेहड़ा जंगल से गिरफ्तार किया गया है। उससे पुलिस पूछताछ कर रही है।
हत्यारोपी के पिता ने लगाई सीएम से गुहार
सिपाही के कातिल शातिर अपराधी इरशाद के पिता हिसाब अली ने मुख्यमंत्री समेत अधिकारियों को फैक्स भेजकर बेटे के जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसने आशंका जताई है कि एसटीएफ रास्ते में फर्जी तरीके से मुठभेड़ दिखाकर हत्या कर सकती है।