स्थानीय पुलिस व स्वास्थ्यकर्मियों की संवेदनहीनता से इंसानियत शर्मसार हो गई। दोनों महकमों की लापरवाही के चलते सीएचसी की बाउंड्री के समीप गोबर के नीचे पड़े नवजात के शव को कई घंटे तक कुत्ते नोंचते रहे। तीन घंटे बाद पुलिस की नींद टूटी तो इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस व अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से लोगों में खासा आक्रोश रहा।
लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बाउंड्रीवाल के करीब बने दो मकानों के बीच खाली पड़े प्लाट में लोग गोबर व कूड़ा फेंकते हैं। गुरुवार को लगभग 11 बजे लोगों को गोबर के नीचे करीब आठ माह के नवजात का शव पड़े होने की जानकारी हुई। इसकी सूचना लालगंज पुलिस व अस्पताल अधीक्षक को दी गई। हालांकि लापरवाह बनी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस पर अस्पतालकर्मी भी लौट गए। थोड़ी देर में यहां आवारा कुत्ते पहुंच गए और गोबर के ढेर से शव निकाल कर नोचने लगे। पुलिस के रवैये पर लोग भड़क उठे तो दबाव में नवजात का शव लेकर कर्मचारी अस्पताल चले गए। हालांकि कुछ देर बाद ही एक अस्पताल कर्मी शव फिर गोबर के ढेर में रखकर चला गया। कर्मचारी ने बताया कि अधीक्षक ने पुलिस केस बताकर शव को दोबारा घटना स्थल पर रखने के लिए कहा है। करीब तीन घंटे बाद लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह साफ नहीं हो सका कि नवजात का शव गोबर ढेर के नीचे कैसे पहुंचा।