जिला महिला अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही के चलते गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। इसे गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। तब जाकर चिकित्सकों ने आपरेशन कर मृत बच्चे को बाहर निकाला। पीड़ित परिवार ने सीएमओ के साथ एडी को शिकायती पत्र देकर जांच करवाकर कार्रवाई की मांग की है।
नगर कोतवाली के पुरानी आबकारी सदर मोड़ अजीत नगर निवासी निशू श्रीवास्तव (25) पत्नी महेश श्रीवास्तव गर्भवती थी। महेश के पिता योगेश श्रीवास्तव की मानी जाए तो 31 की रात में उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। तत्काल जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मौजूदा चिकित्सक के साथ स्टाफ नर्स बार-बार नार्मल प्रसव होने की बात कह रही थी। आरोप है कि एक अप्रैल के दोपहर तक निशू दर्द से कराहती रही। परिजन आपरेशन कराने को तैयार भी हो गए, मगर चिकित्सकों ने नार्मल प्रसव होने की बात कहकर ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया। देर रात गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। इसकी खबर जब परिजनों को लगी तो वे हंगामा करने लगे।
सूचना पर मकंदू्रगंज चौकी ईंचार्ज भी मौके पर पहुंच गए। निशू के परिजनों का हंगामा देख चिकित्सक तत्काल उसे लेकर ओटी में गए और ऑपरेशन करके पेट के अंदर मरे बच्चे को बाहर निकला। नाराज परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमओ के साथ पत्र भेजकर एडी से भी की है। मामले की जांच करवा कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उधर, जिला महिला अस्पताल के सीएमएस संतोष तिवारी की मानी जाए तो चिकित्सक समय-समय पर जांच कर रहे थे। परिजनों को बार-बार ऑपरेशन करवाने के लिए सलाह दे रहे रहे थे, मगर वे ऑपरेशन करवाने को तैयार नहीं थे। इसके चलते पेट के अंदर बच्चे की मौत हुई है। जो भी आरोप लगाया जा रहा है वह गलत है।