जिन 28 कुख्यात अपराधियों पर पांच से लेकर पचास हजार तक इनाम घोषित है, वह जिले से अचानक गायब हो गए हैं। तमाम कवायदों के बाद भी पुलिस का खुफिया विभाग इन बदमाशों का सुराग नहीं जुटा सका। घरवालों को भी इनकी कोई खबर नही है। रिश्तेदारों को भी पता नही है। सभी बदमाशों के ऊपर पुलिस की ओर से इनाम रखे गए हैं। अब मुंबई, दिल्ली व आसपास के जनपदों में बदमाशों की फोटो और क्रिमिनल हिस्ट्री भेजी गई है ताकि गायब बदमाशों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस के मौजूद रिकार्ड में 236 शातिर बदमाश हैं। जिसमें से 64 इनामी बदमाश जेल जा चुके हैं। 172 बदमाश अब मुंबई, पूना, गुजरात या दिल्ली में रह रहे हैं। 28 बदमाश लापता चल रहे हैं। जिनके ऊपर पुलिस की ओर से 50 हजार से लेकर 5 हजार रुपये तक का इनाम घोषित किया गया है। पूर्व पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने टाप टेन अपराधियों की सूची थानों में लगवाने का निर्देश थानेदारों को दिया था। अपराधियों का सत्यापन पुलिस अफसरों से कराया गया। खुद एसपी गांवों में पहुंचकर चिन्हित अपराधियों का सत्यापन करते रहे।
पुलिस की मानें तो 28 लापता बदमाशों की जानकारी अप्रैल 2018 तक मुखबिर के माध्यम से मिलती रही, लेकिन अब इनकी लोकेशन पुलिस के पास नहीं है। कइयों के तो परिवार भी लापता हो गए हैं। यहां तक कि कुर्की की कार्रवाई भी हो गई, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। पुलिस अफसरों का मानना है कि हो सकता है यह बदमाश दूसरे राज्यों में अपना ठिकाना बना लिए हों।
वैसे भी बेल्हा के बदमाश घटनाओं को अंजाम देने के बाद मुंबई, दिल्ली व गुजरात समेत अन्य प्रांतों में शरण लेते हैं। ऐेसे में पुलिस ने ऐसे बदमाशों का आपराधिक ब्यौरा मुंबई, गुजरात, दिल्ली समेत अन्य संभावित प्रदेशों और जनपदों में भेजी गई है। ताकि पुलिस उनसे अलर्ट रहे और फोटो से घटनास्थलों पर मिलान कर उनकी पहचान कर सके।
बदमाशों की तलाश में एसटीएफ भी
पुलिस के साथ ही एसटीएफ भी इन कुख्यात बदमाशों की तलाश में लगी हुई है। मोस्ट वांटेड लालगंज के भानु दुबे व जेल के प्रधान बंदीरक्षक की हत्या करने के बाद फरार चल रहे हसनमुल्ला की तलाश में टीम लगी है। पुलिस ने ऐसे बदमाशों के ऊपर पांच से लेकर 50 हजार रुपये तक का इनाम घोषित कर रखा है। एसटीएफ और सविलांस टीम का मानना है कि बदमाश मोबाइल का प्रयोग नहीं करते।
पुरानी फोटो से कैसे करेंगे पहचान
पुलिस के पास बदमाशों के 15 साल पुरानी फोटो है। अब इन फोटो के माध्यम से बदमाश की पहचान संभव नहीं है। 15 साल के भीतर तो बड़ा बदलाव हो जाता है। अगर उस समय कोई बदमाश 30 साल का रहा होगा तो अब उसकी उम्र 45 पार हो गई होगी। कोर्ट में सरेंडर करने वाले एक लाख के इनामी हब्बू व सद्दाम की तस्वीर भी पुलिस के पास पुरानी थी। जिसके चलते दोनों पुलिस को झांसा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिए। पुरानी फोटो ही दूसरे राज्यों व जनपद की पुलिस को भेजी गई है।
एएसपी पूर्वी अविनाश मिश्रा का कहना है कि सूचीबद्ध बदमाशों की लगातार निगरानी की जाती है। जिन बदमाशों का कोई लोकेशन नहीं मिल रहा है। उनके लिए दूसरे राज्यों की पुलिस से लगातार संपर्क किया जा रहा है। सर्विलांस टीम की भी मदद ली जा रही है। जिले में बदमाशों के खिलाफ पुलिस लगातार धरपकड़ का अभियान चला रही है। लिहाजा उससे भी बदमाश जिला छोडक़र भाग रहे हैं।