ठंड बढ़ने के साथ ही जिले में कच्ची शराब बनाने के काम ने जोर पकड़ लिया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहनगंज इलाके के कई गांवों में सई नदी किनारे शराब की भट्ठियां धधकने लगी हैं। कुंडा सर्किल के सभी थाना क्षेत्रों में कच्ची शराब बनाने का काम जोराें पर है।
जिले के तमाम गांवाें में कच्ची शराब बनाने का काम पूरे साल होता है। हालांकि गर्मी के दिनाें में कारोबार कुछ कम हो जाता है। सर्दी का मौसम आते ही कारोबार हर साल जोर पकड़ लेता है। इस समय भी पूरे जिले में कारोबार जोराें पर चल पड़ा है। नगर कोतवाली के मोहनगंज इलाके के कई गांवाें में तो लोग घराें में ही शराब बनाते हैं। नदी किनारे के गांव वाले इस धंधे में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। सई नदी के किनारे के लोग तो इस समय कछार में भट्ठियां चलाने लगे हैं।
कच्ची शराब के खरीदार गांवों के ही लोग होते हैं। शाम को शराब बनाने वालों के यहां भीड़ दिखने लगी है। कई बार यह शराब जानलेवा साबित हुई है। वहीं महेशगंज व संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र में कच्ची शराब की भट्ठियां सुलग रहीं है। कुंडा तहसील क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोग आबकारी व पुलिस विभाग पर हमला बोल चुके हैं। मौजूदा समय में दोनों थाना क्षेत्रों में बकुलाही के किनारे सुबह से लेकर शाम तक भट्ठियां जलती रहती हैं। चर्चाओं पर यकीन करें तो ऐंधा, लरू, हीरागंज, राजापुर समेत अन्य गांवों में कच्ची शराब का कारोबार फल फूल रहा है। ठंड में इसकी खपत बढ़ गई है। जिला आबकारी अधिकारी बच्चालाल ने बताया कि कच्ची शराब बनाने की जानकारी है। इस पर रोक के लिए अभियान चलाया जा रहा है।