बुखार व सांस की बीमारी का इलाज कराने आए युवक की इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही सांसें थम गईं। यह देख परिजन हंगामा करने लगे। मेडिकल स्टोर के साथ ही मरीजों की देखभाल करने वाले भी वहां से भाग निकले। आरोप है कि डाक्टर आरपी चौबे मेडिकल स्टोर पर बैठकर मृतक को देखे और इलाज करने के लिए आठ सौ रुपये भी लिए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को मर्चरी भेजने के बाद घटना की छानबीन करने लगी।
मानधाता थाना क्षेत्र के अकोढ़िया खानीपुर निवासी कल्लूलाल गुप्ता (40) काफी दिनों से बीमार था। शनिवार को उसके परिजन उसे लेकर राजा प्रताप बहादुर पार्क स्थित एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। जहां आठ सौ रुपये लेने के बाद मेडिकल स्टोर पर मौजूद डाक्टर आरपी चौबे ने उसका ट्रीटमेंट शुरू कराया। परिजनों की मानें तो डाक्टर के लिखने पर एक युवक ने कल्लूराम को इंजेक्शन लगा दिया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। यह देख परिजन रोने बिलखने लगे। सूचना मिलने पर गांव से भी बड़ी संख्या में लोग आने लगे। हंगामा होता देख मेडिकल स्टोर के साथ ही आसपास के दुकानदार भी अपनी दुकानें बंदकर भाग निकले।
कल्लू का शव मेडिकल स्टोर के सामने रखकर परिजनों के साथ ग्रामीण हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि डाक्टर के गलत इंजेक्शन लगाने से उसके मरीज की मौत हुई है। खबर मिलने पर शहर कोतवाल हरपाल सिंह यादव मौके पर पहुंचे और घटना की छानबीन के बाद शव को पीएम कराने के लिए मर्चरी भेजा। उन्होंने डाक्टर व मेडिकल स्टोर संचालक से बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। नगर कोतवाल ने बताया कि डाक्टर आरपी चौबे पर लापरवाही से इलाज करने व गलत इंजेक्शन लगवाने का मृतका की पत्नी आरोप लगा रही है। वह सरकारी चिकित्सक भी हैं। मामले की छानबीन की जा रही है।