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जीआईसी गेट से छात्र अगवा

Sat, 12 Sep 2015 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़। शुक्रवार सुबह राजकीय इंटर कालेज के गेट से कक्षा छह के छात्र को बाइक सवार बदमाशों ने अगवा कर लिया। वे उसे करीब के शापिंग मॉल में ले गए। वहां परिजनों का मोबाइल नंबर न बताने पर उसे बेरहमी से पीटा और शराब पिला दी। छात्र के बेहोश होने पर बदमाश भाग निकले। घटना सुनते ही परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में परिवार के लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
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नगर कोतवाली के सदर बाजार तेलिया चौराहा निवासी मोहम्मद मंजूर टेंपो चलाकर परिवार का गुजर-बसर करता है। उसका बेटा मोहम्मद सुबहान (12) जीआईसी में कक्षा छह का छात्र है। शुक्रवार की सुबह वह कालेज जाने के लिए घर से निकला। उसका पड़ोसी साथी थोड़ा पहले ही स्कूल के लिए निकल गया था। सुबहान के मुताबिक वह जैसे ही कांशीराम कालोनी के करीब कालेज के छोटे गेट के पास पहुंचा कि तभी बाइक सवार दो युवक आ गए। उन लोगों ने उसे अपने पास बुलाया और खींचकर बाइक पर बैठा लिया। बताते हैं कि छात्र को लेकर बदमाश करीब स्थित शांपिग मॉल के ऊपर पहुंच गए। वहां सुबहान को मारने पीटने के साथ ही घरवालों का नंबर पूछने लगे, उसने नंबर बताने से इनकार कर दिया।

इसके बाद बदमाशों ने उसे शराब पिलाई। वह मना करने लगा तो उसे सरिया और डंडे से पीटा और उसकी स्कूल ड्रेस भी फाड़ डाली। सुबहान बेहोश हो गया। इस पर बाइक सवार बदमाश उसे छोड़कर भाग निकले। लोगों ने उसे देखा और किसी तरह होश में लाया। इस दौरान कुछ लोगों ने उसे पहचान लिया और परिजनों को घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही परिजन रोते बिलखते पहुंचे। छात्र को लेकर लोग स्कूल गए।
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प्रधानाचार्य ने परिजनों की बात सुनने के बाद सभी को कोतवाली भेज दिया। यहां छात्र को अगवा कर उसकी पिटाई और शराब पिलाने की बात परिजन बताने लगे, लेकिन कोतवाली पुलिस तत्काल छानबीन के बजाय मौन साधे रही। कुछ देर बाद छात्र को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। छात्र को अगवा करने वाले लोगों की तलाश में निकलना भी कोतवाली पुलिस ने मुनासिब नहीं समझा। इससे लोगों में रोष देखा गया। इस मामले में छात्र सुबहान के पिता ने पुलिस को तहरीर दी है। हालांकि देर शाम तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था।

एक माह के भीतर करीब बीस से अधिक बच्चों के गायब होने के बाद भी पुलिस के कानों पर जूं नहीं रेंग रही। हर दूसरे तीसरे दिन बच्चे के गायब या फिर अगवा करने का मामला सामने आ रहा है। पुलिस अलर्ट होने का दावा तो करती है, लेकिन हकीकत कोसों दूर दिखाई देती है। अभी नगर कोतवाली क्षेत्र के अष्टभुजानगर निवासी चंद्रहास सिंह, दहिलामऊ निवासी जिला पंचायत के ठेकेदार पुत्र शैलेंद्र राठौर समेत अन्य बच्चों का कोई सुराग नहीं लग सका। दोनों की तलाश का भले ही पुलिस दावा कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि पुलिस केवल दावा ही करती दिखाई पड़ रही है। सवाल करने पर एक ही जवाब मिलता है। खोजबीन जारी है।
 
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अखिलेश्वर कुमार पांडेय ने बताया कि स्कूली बच्चों के साथ कोई अप्रिय वारदात न हो, इसके लिए पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। स्कूल जाने व अवकाश होने के समय पुलिसकर्मी बच्चों की निगरानी करेंगे। जिले के सभी बड़े स्कूलों पर पुलिस की निगाह रहेगी। यह आदेश साकेत गर्ल्स की छात्रा समीक्षा तिवारी के गायब होने के बाद हुआ था। खास बात यह देखने को मिली कि एएसपी के आदेश को मातहतों ने दरकिनार कर दिया है। अभी तक अधिकारियों के आदेश का पालन करते हुए न तो महिला एसओ और न ही कोतवाली पुलिस शहर के किसी कोने में दिखाई पड़ी है। जबकि एएसपी ने बच्चों पर सख्त नजर रखने का फरमान दे रखा है।

स्कूल खुलने और बंद होने के समय स्कूली बच्चों पर नजर रखने के लिए थानेदारों को निर्देशित किया गया है। औचक निरीक्षण के दौरान जांच होगी। गश्ती दल न मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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अखिलेश्वर पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी
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