प्रधानपति नवाब हुसैन के भाई इसरार की शुक्रवार रात हुई हत्या से आक्रोशित भीड़ शनिवार को उग्र हो गई। करीब ढाई घंटे तक लोगों ने बवाल मचाया। बाबूगंज बाजार में आरोपियों की दुकानों को क्षतिग्रस्त करने के बाद गुस्साई भीड़ उनके घर पहुंची। तोड़फोड़ करने के बाद घर में केरोसिन व पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी।
मौके पर पहुंची पुलिस बवालियों का सामना करने का साहस नहीं जुटा सकी। बाद में एएसपी पश्चिमी की अगुवाई में भारी फोर्स ने गांव में प्रवेश किया। जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। शव लेकर पहुंचे प्रधानपति के समर्थकों ने बाबूगंज बाजार में जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ। जिसके बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
लालगंज कोतवाली के डीहमेंहदी बाबूगंज प्रधानपति नवाब हुसैन के भाई इसरार की शुक्रवार की रात शौच के लिए जाते समय जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा लोनी नदी के किनारे चापड़ व गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रात में किसी तरह पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी थी। शनिवार की सुबह करीब सात बजे बाजार में बड़ी संख्या में लोगों का जमघट लग गया।
ढाई घंटे चलता रहा तांडव, गांव में घुसने का साहस नहीं जुटा सकी पुलिस
लालगंज कोतवाली के डीहमेंहदी बाबूगंज प्रधानपति नवाब हुसैन के भाई इसरार की शुक्रवार को हत्याकर दी गई थी। शनिवार को जब लोगों को पता चला कि इसरार की हत्या करने वालों की बाजार में दुकानें हैं। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के परिवारीजन मुशर्रफ हुसैन की इलेक्ट्रानिक्स की दुकान, रमेश शर्मा और जाकिर उर्फ गुड्डू के मोबाइल की दुकान का ताला तोड़कर सामान क्षतिग्रस्त करते हुए बाहर फेंक दिया। यहां तांडव मचाने के बाद उग्र भीड़ इसरार के हत्यारोपी कादिर व जाकिर के घर की ओर कूच कर गई।
ताला तोडक़र घर में घुसी भीड़ ने गृहस्थी का सामान चूर-चूर कर दिया। बहुत से सामान छत से नीचे फेंक दिया। इसके बाद केरोसिन व पेट्रोल डालकर आग लगा दी। करीब 9.30 बजे तक उग्र भीड़ का तांडव जारी रहा। सूचना के बाद पहुंची खटवारा गांव में घुसने का साहस नहीं कर सकी। सुबह लगभग 10 बजे अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बसंतलाल पहुंचे। मातहतों से जानकारी लेने के बाद लालगंज, जेठवारा, बाघराय, महेशगंज, संग्रामगढ़ समेत कई थानों की फोर्स को लेकर वह खटवारा में घुसे। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपितों के घर से भीड़ जा चुकी थी। फायरब्रिगेड आग बुझाने में पसीना बहाने लगी। भारी पुलिस बल को देख गांव के लोग भी आ गए।
लोग जल रहे मकान को बुझाने में मदद करने लगे। इधर करीब 12.45 बजे मृतक इसरार का शव लेकर परिवारीजन बाबूगंज बाजार पहुंचे। जहां लोगों ने चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। अफसरों के समझाने पर लोग नहीं माने और डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। करीब 2.45 बजे जिलाधिकारी शंभु कुमार व पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। लोगों से बातचीत के बाद भरोसा दिलाया कि रविवार को पीड़ित परिवार को गनर मिल जाएगा।
शस्त्य लाइसेंस भी मिलेगा। शासन से आथक मदद दिलाई जाएगी। जिसके बाद लोग शव को सुपुर्दे खाक करने के लिए राजी हुए और जाम हटाया। देर शाम जनाजे को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। मौके पर कई थानों की पुलिस अलर्ट रही।
चापड़ से काटने के बाद मुंह में मारी गई थी गोली
लालगंज कोतवाली के डीहमेंहदी बाबूगंज निवासी इसरार पान की दुकान बंद करने के बाद शौच के लिए गया था। जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा में लोनी नदी के करीब जंगल में हत्यारों ने पहले उस पर चापड़ से हमला किया। गला, चेहरा व सीने पर प्रहार करने के साथ ही हत्यारों ने मुंह में असलहा डालकर गोली मार दी। पोस्टमार्टम के दौरान बुलेट सिर के ऊपरी हिस्से में मिली। पोस्टमार्टम कराने से पहले एक्सरे भी कराया गया। इस दौरान भारी भीड़ मर्चरी में जमा रही।
चार नामजद व तीन अज्ञात पर केस, एक हिरासत में
लालगंज कोतवाली के डीहमेंहदी बाबूगंज के प्रधानपति नवाब हुसैन पूर्व जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। पुलिस ने मृतक के भाई बादशाह हुसैन की तहरीर पर कादिर, तालिब पुत्र ताहिर निवासी खटवारा, रमेश शर्मा का भाई सुत्तू शर्मा निवासी पदारथपुर थाना जेठवारा व शहजाद निवासी डीहमेंदही थाना लालगंज और तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एएसपी पश्चिमी ने बताया कि एक आरोपी कस्टडी में है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
घर से मिली खून से सनी बनियान व चापड़
जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा निवासी कादिर अली व जाकिर अली के घर को उग्र भीड़ ने फूंक दिया था। प्रत्यक्षदशयों की मानें तो आग बुझाने के दौरान पुलिस के हाथ खून से सना चापड़ व दो बनियान मिली है। जो धुलने के लिए पानी की टंकी में डाली गई थी।
9 बच्चों के सिर से छिना पिता का साया
लालगंज कोतवाली के बाबूगंज निवासी इसरार के तीन बेटे व छह बेटियां हैं। तीन बेटियों की वह शादी कर चुका है। अभी तीन बेटियों व तीन बेटों की शादी करना बाकी है। बेटे पढ़ाई करते हैं। परिवारीजनों के साथ ही पत्नी मोहसिना बानो व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
पुलिस की लापरवाही से हुआ बवाल
पुलिस की लापरवाही के चलते लालगंज व जेठवारा थाना क्षेत्र में ढाई घंटे तक बवाल होता रहा। उपद्रवियों की हुंकार के बाद उग्र भीड़ कुछ भी करने पर आमादा थी। बाजार से लेकर एक किमी दूर आरोपियों के घर की ओर उपद्रवियों ने धावा बोला। शोरशराबा सुनकर घर में ताला बंद कर महिलाएं जान बचाकर अपने पुराने घर की ओरझ् भाग निकलीं। बवालियों का मंसूबा देख आसपास के ग्रामीण भी सहम गए। वह अपने घरों से बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा सके। लोग दूर से जल रहे आशियाने को देखते रहे। पक्के मकान से निकल रही आग की लपटों व दूर तक फैलती आग से हर कोई भयभीत था। यदि पुलिस समय प आ गई होती तो शायद आगजनी की घटना टल सकती थी, लेकिन पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद लापरवाह बन गई।
घटनाओं के बाद लापरवाही बरतना पुलिस के लिए बाद में जी का जंजाल बन जाता है। जेठवारा थाना क्षेत्र के खटवारा में शुक्रवार की रात प्रधानपति के भाई इसरार की हत्या में भी यही हुआ। शव के साथ ही परिवारीजन मर्चरी चले गए। इस घटना को लालगंज और जेठवारा पुलिस ने हलके में लिया। इस वजह से शनिवार की सुबह बाबूगंज बाजार बंद करने के बाद लोग उग्र हो गए। उस समय पुलिस का कहीं अता-पता नहीं था।
उग्र लोगों ने बाजार में स्थित आरोपियों की दुकानों में तोडफ़ोड़ शुरू की। लोगों ने पुलिस को सूचना भी दी, लेकिन खबर के बाद भी पुलिस समय पर नहीं पहुंची। नतीजा उपद्रवियों को मौका मिल गया। वह दुकानों में तोडफ़ोड़ करने के बाद आरोपियों के घरों की ओर कूच कर दिए। यह तो गनीमत रही कि भीड़ के शोरशराबे के बाद आरोपियों के घर की आधा दर्जन महिलाएं बच्चों के साथ अपने पुराने घर की ओर जान बचाकर भाग निकलीं। झुरमुटों से होकर महिलाएं भागीं। यदि उपद्रवियों की उन पर नजर पड़ जाती तो अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था।
आगजनी की घटना के बाद दूर से परिवार के लोग घर व सामान जलता देखते रहे। उपद्रवियों के तांडव से ग्रामीण सहमे रहे। भारी पुलिस बल आने के बाद ही ग्रामीण आगे आए और आग बुझाने में जुटे। घटना के बाद बाजार से लेकर आरोपियों के घरों को पुलिस छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया। सीओ कुंडा, सीओ सदर, सीओ लालगंज के अलावा पीएसी भी मुस्तैद रही। एएसपी ने बताया कि आगजनी व तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हत्यारोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस की मुखबिरी तो नहीं बनी हत्या की वजह
लालगंज पुलिस का प्रधानपति के भाई इसरार की दुकान व घर पर उठना बैठना हत्या का कारण तो नहीं बन गया। इसे लेकर पहले भी प्रधानपति व आरोपियों के बीच विवाद हो चुका है। पशु तस्करी में लिप्त होने के कारण हत्यारोपियों का एक भाई अभी भी जेल में बंद है।
लालगंज कोतवाली के बाबूगंज बाजार के प्रधानपति नवाब हुसैन के परिजनों ने मांस बेचने का लाइसेंस ले रखा है। ग्रामीणों की मानें तो जेठवारा थाना क्षेत्र के खटव ारा निवासी ताहिर का परिवार पशु तस्करी में लिप्त था। जेठवारा पुलिस के संरक्षण में ताहिर के बेटे पशु तस्करी करते थे।
यह बात भी सामने आई है कि लालगंज पुलिस का बराबर मृतक इसरार की दुकान पर उठना-बैठना था। दुकान के साथ ही घर पर भी पुलिसकर्मियों का आना-जाना रहता था। छोटे-मोटे विवाद का निपटारा भी पुलिस मृतक की मौजूदगी में कराती थी। कुछ दिनों पहले सांगीपुर पुलिस ने ताहिर के एक बेटे को पशु तस्करी में लिप्त होने के कारण जेल भेज दिया था। जो अभी भी जेल में बंद है। ताहिर पक्ष के लोग इसके पीछे इसरार को पुलिस की मुखबिरी करना कारण मानते थे। अक्सर उनके चोरी चुपके से संचालित पशु तस्करी के कार्य पर पुलिस की रेड पड़ जाती थी। पहले भी उनके बीच विवाद हो चुका है। हालांकि लालगंज पुलिस ऐसी बातों से इनकार कर रही है।